कासगंज। अधिवक्ता मोहिनी तोमर की हत्या के पीछे 2018 में तिरंगा यात्रा के दौरान चंदन गुप्ता की हत्या का कनेक्शन क्या है। तिरंगा यात्रा के दौरान चंदन की हत्या कर दी गई थी। मोहिनी तोमर उनकी वकील थीं।
कासगंज में अधिवक्ता मोहिनी तोमर हत्याकांड में पुलिस ने चार आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। चार आरोपियों में एडवोकेट मुस्तफा कामिल उनके पुत्र एडवोकेट असद मुस्तफा, एडवोकेट हैदर मुस्तफा व विधि छात्र सलमान निवासी मोहल्ला योगमाया सोरों शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों का चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 10 दिन की रिमांड मंजूर की है। तीन सितंबर को मोहिनी तोमर का पहले अपहरण हुआ उसके बाद अगले दिन उनकी नग्न लाश नहर में मिली थी। पुलिस के अनुसार हत्या के आरोपी एडवोकेट मुस्तफा कामिल, एडवोकेट असद मुस्तफा, एडवोकेट हैदर मुस्तफा व विधि छात्र सलमान हैं। एक नामजद आरोपी एडवोकेट मुनाजिर रफी कासगंज में वर्ष 2018 में चंदन गुप्ता की हत्या के बाद हुए दंगे में भी आरोपी रहा है। जो लोग चंदन गुप्ता के हत्यारे थे ये सारे के सारे आरोपी उनके ही वकील हैं। फिलहाल 4 आरोपी अरेस्ट किए गए हैं बाकी फरार हैं। पुलिस को कोर्ट से रिमांड भी मिल चुकी है। 2 आरोपियों की तलाश जारी है। पीएम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि एडवोकेट मोहिनी को मारने के बाद नहर में फेंका गया। पुलिस की जांच जारी है। बताया जाता है कि ये सभी आरोपी मोहिनी को चंदन गुप्ता केस को लेकर धमकी भी देते रहते थे। लेकिन मोहिनी न झुकी न टूटी बस लड़ती रही। अब पुलिस इस हत्याकांड की गुत्थी में उलझी है।

