मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली में 1981 से लेकर अब तक गायब हो रहे कारतूसों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। जिसमें शहर कोतवाली में ही शहर कोतवाली के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर आगे कार्रवाई शुरू की है।
मिली जानकारी के अनुसार 1981 से लेकर अब तक लगभग करोड़ों रुपए के कारतूस कोतवाली के माल खाने से गायब हो गए।
बताया जा रहा है कि प्रभारी बदलते गए और कोतवाली से कारतूस लगातार गायब होते गए जिसको लेकर मुजफ्फरनगर के एसएसपी अभिषेक सिंह द्वारा एसपी ट्रैफिक को इसकी जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, तो जांच में मामला बड़ा गंभीर पाया गया जिसको लेकर एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापति जानकारी देते हुए बताया कि कई वर्षों से शहर कोतवाली से सरकारी संपत्ति एवं सरकारी कारतूसों को गायब किया जा रहा है। जिसको लेकर जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट दिया जिसके आधार पर शहर कोतवाली में ही शहर कोतवाली पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया है।
मुजफ्फरनगर के नगर कोतवाली थाने से सरकारी माल खाने से माल गायब, 43 सालों से थाने में गबन का हैरतअंगेज मामला प्रकाश में आया है।
787 गोलियां, 10 बॉडी प्रोटेक्टर, 99 चार्जर क्लिप गायब, तत्कालीन 5 मालखाना इचांर्ज पर गबन का केस दर्ज, इंचार्ज सुरेश, सतपाल, बलजोर, वीर, डिग्री प्रसाद पर केस…
1981 से 2020 तक गायब होता रहा माल खाने से माल, SSP अभिषेक के आदेश पर मामले की जांच हुई शुरू
शहर कोतवाली से कारतूस व सामान गायब होने पर पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
मुजफ्फरनगर। नगर कोतवाली के मालखाने से कारतूस सहित माल गायब होने के मामले में पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ पर मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार पिछले 39 साल से मालखाने से कारत्स व अन्य सामान गायब है। शहर कोतवाली के मालखाने से गायब सामान को लेकर मुख्य आरक्षी राजेश कुमार, रिटायर्ड सुरेश गिरी, सेवानिवृत्त सतपाल सिंह, बलजोर सिंह, एसआइ वीर सिंह व एसआइ डिग्री प्रसाद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। एक हेड मोहर्रिर वेदप्रकाश के कार्यकाल में शहर कोतवाली के मालखाने से 657 कारतूस गायब होने का मामला प्रकाश में आया था लेकिन उनकी मृत्यु हो जाने के कारण उसे आरोपी नहीं बनाया गया। वर्तमान में पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गयी। उनसे 92 कारतूस, आठ टिक गैस के अलावा अन्य सामान के बारे में जवाब तलब किया गया है। नामजद किए गए सभी पुलिसकर्मियों को नोटिस भेजकर अपने बयान दर्ज कराने के लिए आदेश दिए गए है। अधिकारियों ने कहा कि रिकवरी न होने पर सभी पुलिसकर्मियों से धनराशि वसूली जाएगी।


