साझेदारी में खोली ट्रांस्पोर्ट कंपनी , साथी ने कर ली हेरा फेरी
मुजफ्फरनगर। एनएच-58 पर श्री शांतिनाथ ट्रांस्पोर्ट कंपनी केद नाम से पार्टनर शिप में खोली गई थी, जिसमें पार्टनर साथी ने ही धोखाधडी कर कंपनी 36 लाख रूपये का गबन कर लिया गया। पीडित द्वारा 36 लाख के गबन का खुलासा कर दोषी को सजा दिलाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद भी इंसाफ की आस नही जगी। शनिवार को शहर की पॉश कॉलोनी आदर्श पचेंडा रोड निवासी संयम जैन ने मीडिया सेंटर के पत्रकारों से वार्ता कर अपना दुखडा सुनाते हुए जिला प्रशासन के साथ साथ प्रदेश सरकार से इंसाफ दिलवाये जाने की गुहार लगाई हैं। पीडित संयम जैन ने बताया कि श्री शांतिनाथ ट्रांस्पोर्ट कंपनी के पार्टनर साथी ने 36 लाख के गबन में 17 ट्रांस्पोर्टो को साथ में लेकर अंजाम दिया हैं। आरोप हैं कि ट्रांस्पोर्ट द्वारा विभिन्न गाडियों में माल लोड कर विभिन्न कंपनियों में भेजा जाता था, जिसका भाडा पीडित द्वारा ऑन लाइन ट्रांस्फर किया गया हैं। आरोप हैं कि भाडे का रूपया लेने के बावजूद भी गाडी में माल लोड नहीं कराया गया और बिल्टी मांगने पर आना कानी करने लग जाते थे। आरोप हैं कि श्री शांतिनाथ ट्रांस्पोर्ट कंपनी के पार्टनर साथी से पूंछा गया तो उसने भी माल कंपनी में जाने का आश्वासन दिया कि माल कंपनी पहुंच गया हैं। आरोप हैं कि काफी दिन ऐसे ही चलने पर पीडित संयम ने सख्ती से पूछताछ की तो फिर कुछ माल की बिल्टियां दिखाते हुए कहा कि अभी बाकी की बिल्टियां आयेंगी तब दिखा देंगे। पीडित संयम ने प्रदेश में काबिज योगी सरकार से गुहार लगाते हुए कहा कि प्रदेश में सभी भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसी जा रही हैं, मगर जनपद में जिला प्रशासन या पुलिस प्रशासन भ्रष्टाचारियों पर या दबंगों पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही करने में असमर्थ दिखाई दे रही हैं। आरोप हैं कि गबन करने वाले सभी 17 ट्रांस्पोर्टो के द्वारा जान से मारने की धमकी दी जाने लगी। आरोप हैं कि दबंग ट्रांस्पोर्टो के द्वारा का जाता हैं कि तू अकेला कुछ भी नही कर सकता क्योकि हम लोग ज्यादा हैं और तू अकेला हैं तेरी नही सुनी जायेगी और हमारी बहुत जल्द सुनी जायेगी क्योकि हमारी वोट ज्यादा हैं।


