मुजफ्फरनगर । सांसद हरेंद्र मलिक ने लोकसभा में जीरो ओवर में मुजफ्फरनगर में औद्योगिक प्रदूषण और रैपिड रेल का मुद्दा उठाया था, इसके बारे में उत्तर देते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि मुजफ्फरनगर में 61 बड़ी मिले हैं, जिनमे 37 पेपर मिल, 8 शुगर मिल आदि है, जिनके कारण मुजफ्फरनगर में प्रदूषण का स्तर ज्यादा है. मंत्री ने बताया कि समय-समय पर इन उद्योगों का निरीक्षण किया जाता है और यदि किसी मिल द्वारा प्रदूषण का स्तर निर्धारित सीमा से ऊपर जाता है तो उन्हें कारण बताओ नोटिस और मुआवज़ा भरने के दिशानिर्देश भी दिये जाते हैं ।
रैपिड रेल को लेकर उन्होंने लिखा कि इस तरह का प्रस्ताव राज्य सरकार द्वारा भेजा जाता है जो कि अभी तक नहीं भेजा गया है, इसलिए वर्तमान में मुजफ्फरनगर में रैपिड रेल की कोई संभावना नहीं है । मुजफ्फरनगर के निवर्तमान सांसद डॉक्टर संजीव बालियान कई बार यह घोषणा कर रहे थे कि वे मुजफ्फरनगर में रैपिड रेल को लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं और जल्द ही मुजफ्फरनगर से रैपिड रेल शुरू होगी लेकिन केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि मुजफ्फरनगर तक रैपिड रेल आने का अभी कोई प्रस्ताव ही नहीं है ।


