मुजफ्फरनगर। लंबे समय तक जिले की राजनीति में विकास पुरुष के रूप में विख्यात रहे स्वर्गीय चितरंजन स्वरूप को एक दशक बाद ही भुला दिया गया। यहां तक कि उनके परिवार के बड़े राजनीतिक रसूल के बावजूद और उनके तमाम तीन पुत्रों के बड़े उदय पर होने पर बावजूद उन्हें याद करने वाला कोई नहीं था। उनकी स्मृति में एक कार्यक्रम तक की शहर में आयोजित नहीं हो सका। शहर से विधायक और प्रदेश में मंत्री तथा कहीं अन्य महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए शहर की और जिले के विकास के लिए तमाम महत्वपूर्ण कार्य करने वाले चितरंजन स्वरूप अब इस जिले के लिए बेगाने हो गए हैं। एक दशक पूर्व 19 अगस्त. 2015 को उनका निधन हुआ था. आज उनकी पुण्यतिथि थी लेकिन इस शहर की बेरुखी देखिए कि शहर में आज उन्हें याद करने के लिए एक छोटा सा कार्यक्रम तक आयोजित नहीं किया गया। यही नहीं पारिवारिक आयोजनों पर करोड़ों खर्च करने वाले उनकी संपत्ति और उनके राजनीतिक किरदार के वारिस भी आज उन्हें याद नहीं कर पाए। लगा कि चितरंजन स्वरूप आज उनके लिए कोई मायने नहीं रखते।


