नई दिल्ली। संसद में मॉनसून सत्र के दौरान मोदी सरकार ने वक्फ बोर्ड ऐक्ट में बदलाव के लिए संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किया। इस बिल को लेकर संसद में हंगामा देखने को मिला। सरकार का कहना है कि बिल वक्फ की संपत्तियों की देखरेख के लिए लाया जा रहा है। वहीं विपक्ष ने इसे संसद की स्थायी समिति के पास भेजने की अपील की है। सपा के साथ ही तृणमूल कांग्रेस और नैशनल कॉन्फ्रेंस के सांसदों ने विरोध किया।
केंद्र सरकार की ओर से वक्फ बोर्ड में पारदर्शिता को लेकर नया बिल लाया गया है। कानून मंत्री किरेन रिजीजू ने गुरुवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल 2024 पेश किया। यह बिल लोकसभा में पेश किया। जैसे ही ये बिल सदन के पटल पर रखा गया कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, सपा समेत प्रमुख विपक्षी दलों ने विधेयक का विरोध किया। वहीं एनडीए में शामिल नीतीश कुमार की अगुवाई वाली जेडीयू ने बिल का सपोर्ट कर दिया है। इस दौरान अखिलेश और अमित शाह के बीच तीखी बहस भी हुई। सपा सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि चंद कट्टर समर्थकों के तुष्टीकरण के लिए यह बिल ला रही है। उन्होंने लोकसभा स्पीकर से कहा, ‘महोदय मैंने सुना है कि कुछ अधिकार आपके भी छीने जा रहे हैं। इसलिए हम सब को आपके लिए भी लड़ना पड़ेगा।’ इस पर अमित शाह ने उन्हें बीच में टोकते हुए कहा कि स्पीकर महोदय, ये (अखिलेश) आसन का अपमान कर रहे हैं। दोनों के बीच तीखी बहस हुई।

