मुजफ्फरनगर । मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के विकास क्षेत्रान्तर्गत अपर मुख्य सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग-9, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ के पत्र संख्या- 1883/आठ-9-2024, दिनांक 29.07.2024 के क्रम में बेसमेन्ट में जलभराव से घटित जनहानि सम्बन्धी दुर्घटना के दृष्टिगत अपेक्षित सावधानी एवं सुरक्षा सुदृढ़ किये जाने के उद्देश्य से निम्न बिन्दुओं पर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चत किये जाने के निर्देश दिये गये है।
यदि स्थल पर बेसमेन्ट का निर्माण प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराने के उपरान्त किया जा रहा है तो सुनिश्चित किया जाये कि स्थल पर बेसमेन्ट का निर्माण स्वीकृत मानचित्र के अनुसार ही किया जाये एवं बेसमेन्ट के स्वीकृत मानचित्र में उल्लिखित उपयोग यथा- पार्किंग, स्टोरेज के उपयोग हेतु ही किया जाये।
यदि अपरिहार्य परिस्थितियों में खुदाई किया जाना आवश्यक हो, तो समुचित मानक सुरक्षा उपायों के साथ ही की जाये, जिससे वहॉ निवासित व्यक्तियों, कार्यरत श्रमिकों अथवा अन्य को किसी प्रकार की जान-माल का खतरा उत्पन्न न हो।
मानसून उपरान्त भी यदि खुदाई की जाती है, तो स्थल पर सुरक्षा उपायों का विशेष ध्यान रखा जाये, जिससे किसी प्रकार की अप्रिय घटना घटित न हो सके, यदि किसी प्रकार की घटना घटित होती है तो उसका उत्तरदायित्व भवन स्वामी का स्वयं का होगा। यदि स्थल पर निर्माण कार्य प्रगति पर है तो स्थल पर बेसमेन्ट का निर्माण स्वीकृति के विपरीत न किया जाये।
अतः जिन संस्थानाओं/भवन स्वामियों द्वारा बेसमेन्ट में स्वीकृत मानचित्र के विपरीत/अवैध रूप से की जा रही क्रिया/उपयोग को 15 दिन के अन्दर बन्द करते हुए बेसमेन्ट के फोटोग्राफ व अन्य अभिलेख सहित प्राधिकरण को सूचित करना सुनिश्चित करें। साथ ही इस आशय का प्रमाण पत्र/शपथ पत्र उपलब्ध करायें कि भविष्य में भी आपके द्वारा स्वीकृति के भिन्न बेसमेन्ट का उपयोग नहीं किया जायेगा। यदि भवन स्वामियों द्वारा उपरोक्त निर्देशों का पालन नहीं किया जाता है तो 15 दिन के पश्चात बेसमेन्ट के विरूद्ध सील की कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।


