जानिए सावन में रुद्राभिषेक की विधि और ज़रूरी पूजन सामग्री, सावन में भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए इस विधि से करना चाहिए रुद्राभिषेक
*क्या होता है रुद्राभिषेक*
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*रुद्राभिषेक दो शब्दों रुद्र और अभिषेक से मिलकर बना है। भगवान शिव को रुद्र भी कहा जाता है। अभिषेक का अर्थ है स्नान कराना। इस तरह रुद्राभिषेक का अर्थ है भगवान शिव का अभिषेक करना। इसीलिए शिव पूजा में रुद्राभिषेक जरूर किया जाता है। इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।*
*????रुद्राभिषेक के लिए आवश्यक सामग्री*
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*रुद्राभिषेक के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्रियों में मुख्य रूप से जल, दूध, घी, दही, शहद, सुगंध, धूप, दीप, पुष्प, बेलपत्र, शमी के फूल, रुद्राक्ष, माला, कुश आदि शामिल हैं।*
*????रुद्राभिषेक कब करना चाहिए*
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*कहा जाता है कि शिवरात्रि, प्रदोष और सावन सोमवार के दौरान भगवान शिव सभी शिवलिंगों में विराजमान रहते हैं। ऐसे में यह समय रुद्राभिषेक के लिए सबसे अच्छा है।*
*????रुद्राभिषेक के प्रकार*
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*झगड़े दूर करने के लिए दही से रुद्राभिषेक करना चाहिए।*
*अच्छे स्वास्थ्य के लिए भांग से रुद्राभिषेक करना चाहिए।*
*वंश वृद्धि के लिए घी की धारा से रुद्राभिषेक करना चाहिए।*
*ग्रह दोष दूर करने के लिए गंगाजल से रुद्राभिषेक करना चाहिए।*
*धन प्राप्ति के लिए गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करना चाहिए।*
*घर में सुख-शांति के लिए दूध से रुद्राभिषेक करना चाहिए।*
*शिक्षा में सफलता के लिए शहद से रुद्राभिषेक करना चाहिए।*
*शत्रुओं को परास्त करने के लिए भस्म से रुद्राभिषेक करना चाहिए।*
*????रुद्राभिषेक विधि-*
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* रुद्राभिषेक की विधि आरम्भ करने से पहले भगवान गणेश, देवी पार्वती, ब्रह्मदेव, देवी लक्ष्मी, नवग्रह, माता पृथ्वी, अग्नि देव, सूर्य देव और मां गंगा का ध्यान कर उनकी पूजा करें।
* इसके बाद रुद्राभिषेक प्रारंभ करें। रुद्राभिषेक करने वालों का मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए और शिवलिंग को उत्तर दिशा में रखें।
* इसके बाद श्रृंगी में गंगाजल डालकर शिवलिंग पर चढ़ाएं और ॐ नमः शिवाय मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र, शिव तांडव स्तोत्र का जाप करें।
* अंत में पूरे परिवार के साथ भगवान शिव की आरती करें।
* आरती के बाद अभिषेक के जल को पूरे घर में छिड़कें।
* पूरे घर में रुद्राभिषेक का जल छिड़कने से बीमारियों से मुक्ति मिलती है।*

