मुजफ्फरनगर । किसान हित में देश में कृषि कारोबार से जुड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों को किसान की फसल उपजाने, उसकी खरीद, सप्लाई चेन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग समेत कृषि की पूरी वैल्यू चेन में जोड़ना चाहिए।
पीजेंट वेलफ़ेयर एसो. के चेयरमैन अशोक बालियान ने केंद्रीय कृषि मन्त्री शिवराज सिंह चौहान को एक पत्र भेजते हुये कहा है कि भारत में नई पीढ़ी के किसानों द्वारा डिजिटल कनेक्टिविटी और डिजिटल टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ते कदमों को देखते हुए ई-चौपाल खेत से लेकर उपभोक्ता तक की पूरी वैल्यू चेन को नई ऊंचाई पर ले जा सकती है।देश में ई-कॉमर्स कंपनियों के कृषि क्षेत्र में जुड़ने से किसानों की आमदनी बढ़ाने के प्रयासों में तेजी लाई जा सकती है। ई-कॉमर्स कंपनियां पारदर्शी और कुशल कार्यप्रणाली का पालन करते हुए अनावश्यक रूप से मौजूद इन बिचौलियों को कुछ हद तक दूर कर सकती हैं।
कुछ समय पहले ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन इंडिया ने किसान स्टोर (Farmer Store) को लॉन्च किया था, जिसमे देश भर के किसानों को उनके दरवाजे पर डिलीवरी की सुविधा के साथ, किफायती कीमतों पर बीज, कृषि टूल और एक्सेसरीज, प्लांट प्रोटेक्शन, न्यूट्रिशन जैसी कृषि से जुड़े सामान उपलब्ध हो सकेंगे। ये ई-कॉमर्स कम्पनी स्थानीय एजेंटों के माध्यम से सब्जियों और फलों की खरीद कर इन्हें एक जगह अपने वेयर हाउस पहुंचाती है, जहां से देश के विभिन्न महानगरों तक ताजे फलों और सब्जियों की सप्लाई करती है।
इस विषय पर पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन का कहना है कि अमेजन इंडिया जैसी कम्पनियों की डिजिटल इकोनॉमी में किसानों को शामिल किया जाना चाहिए। यह कृषि उपज की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने, लाजिस्टिक्स इंडस्ट्री जैसी सर्विसेज उपलब्ध कराने को लेकर किसानों और खेती से जुड़े लोगों के लिए बहुत फायदेमंद होगी।
कुछ वर्ष पहले ई-कामर्स कंपनी अमेजन इंडिया ने महाराष्ट्र के पुणे में किसानों से सीधे फल-सब्जी और अनाज खरीद शुरू की थी। ई-कामर्स कम्पनियों का उत्तरप्रदेश के अनेकों क्षेत्र में खरीद केंद्र स्थापित किये जाने की आवश्यकता है, ताकि किसान के खेत से लेकर उपभोक्ता तक की पूरी वैल्यू चेन को नई ऊंचाई पर ले जाया जा सके। वॉलमार्ट कम्पनी ने काफी देशों में अपनी कोल्ड चेन बना रखी है। इस तरह वह ताजी, उच्च गुणवत्ता वाली सब्जियां, फल और अन्य कृषि उत्पाद शहरों को डिलिवर करने के काबिल हुई है। उसने खेत पर खाद्यान्न की बर्बादी रोकी है।इसलिए इस तरह की ई-कामर्स कम्पनियों का लाभ हमारे किसानों को भी मिलना चाहिए। तथा किसान हित में इन पर सरकार का नियन्त्रण भी रहना चाहिए।
ई-कामर्स कम्पनियों के कृषि के क्षेत्र में आने से कृषि में निवेश बढ़ेगा व् कृषि निर्यात भी तेजी से बढ़ेगा। तथा इस तरह यह कार्य ग्रामीण युवाओं के लिए नए जॉब, वेंडरों से निर्मित होने वाले परोक्ष जॉब और कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और डिस्ट्रिब्यूशन में होने वाले प्रत्यक्ष जॉब पर आधारित होगा।
कृषि कारोबार से जुड़ी वॉलमार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियांवैश्विक रिटेलर कोल्ड स्टोरेज, वातानुकूलित ट्रक और ग्रेडिंग की सुविधाओं में निवेश करती हैं। और किसानों को फूड प्रोसेसरों से जोड़ते हैं, इससे फसल लेने के बाद का किसानों को कोई नुकसान नहीं होता और किसानों की आय बढ़ती है।
अत: आपसे अनुरोध है कि कृषि कारोबार से जुड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों को किसान की फसल उपजाने, उसकी खरीद, सप्लाई चेन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग समेत कृषि की पूरी वैल्यू चेन में जोड़ने के सम्बन्ध में समुचित कार्यवाही करने का कष्ट करें।


