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उदासी जिन चेहरों का ऋंगार करती है मक्खियां भी उन पर बैठने से इंकार करती है : नयन सागर जी महाराज

मुजफ्फरनगर । जाग्रति कारी संत श्री 108 नयन सागर जी के नगर विराजित होने के उपलक्ष में मुनीम कॉलोनी स्थित मंदिर में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आज के कार्यक्रम का शुभारम्भ नगर के प्रसिद्ध विद्वान डा0 जयकुमार जैन ने मंगलाचरण कर किया। एवं बताया कि मनुष्य जन्म प्राप्त करना बहुत ही दुर्लभ है और अगर मनुष्य गति प्राप्त की है तो उसे अपना कल्याण करना चाहिए। यह कल्याण अहितकारी व दुराचारी व्यक्तियों को छोडकर एवं सद्गुरू की शरण व दिगम्बर मुनियों की शरण में जाकर ही व्यक्ति अपना कल्याण कर सकता है। आचार्य श्री नयन सागर जी ने बताया किसी भी कार्य को करने से पहले कार्य की सफलता के कारण जानने से पहले बाधक कारणों को जानना आवश्यक है सभी अपने जीवन में सफल होना चाहतें है चाहे वह फल विक्रेता हो या अन्य कोई व्यापारी सभी सफलता चाहते है। हम सभी मन्दिरों में जाते है, अपना शरीर भगवान के समक्ष पंचाग व अन्य नमन के साथ समर्पित करतें है। साथ में यदि मन भी समर्पित कर देते है तो हमारा भगवान के दर्शन करना सफल हो जाता हैै। व्यक्ति को हमेशा खुश रहना चाहिए उदासी जिन चेहरों का ऋंगार करती है मक्खियां भी उन पर बैठने से इंकार करती है।

Taja Report
Author: Taja Report

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