Taja Report

40 मोटरसाइकिलों की चोरी के आरोपी को जमानत, पुलिस को हाईकोर्ट की फटकार

मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर पुलिस द्वारा 40 मोटरसाइकिलों की कथित बरामदगी से जुड़े चोरी के मामले में आरोपित को जमानत देते हुए जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की बेंच ने कहा कि बीएनएसएस की धारा 105 के अनिवार्य प्रावधान का पालन न करने से पूरी अभियोजन कहानी पर संदेह पैदा होता है।

कोर्ट ने आगे कहा कि यह कानून निर्दोष व्यक्तियों को गलत फंसाए जाने से बचाने और ट्रायल के लिए पुख्ता सबूत सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया। इसने एक कदम और आगे बढ़ते हुए कहा कि पुलिस अधिकारियों द्वारा इस प्रावधान का पालन न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।

मामले के अनुसार याची शादाब पर बीएनएस की धारा 305(2) और 317(2) के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसमें आरोप है कि वह चार अन्य सह-आरोपियों के साथ 40 मोटरसाइकिलों की चोरी में शामिल है और इतनी ही संख्या में बाइक उनके संयुक्त कब्जे से बरामद हुईं। मुकदमा थाना मंसूरपुर, जिला मुजफ्फरनगर में दर्ज किया गया।

इस मामले में जमानत मांगते हुए उसके वकील ने तर्क दिया कि आवेदक का नाम एफआईआर में नहीं है और कथित तौर पर इतनी बड़ी बरामदगी के बावजूद, कोई निजी गवाह या कार्यवाही की वीडियोग्राफी नहीं की गई। यह तर्क दिया गया कि बीएनएस धारा 105 के अनुसार बरामदगी की वीडियोग्राफी अनिवार्य है। इसकी अनुपस्थिति से अभियोजन पक्ष की कहानी पर संदेह पैदा होता है। यह भी बताया गया कि सह-आरोपियों को हाईकोर्ट की अन्य बेंचों द्वारा पहले ही जमानत दी जा चुकी है।

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Author: Taja Report

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