वेस्ट यूपी में कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की पहल

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मुजफ्फरनगर । भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने कहा कि एपीडा के सहयोग से पश्चिमी उत्तर प्रदेश गुड, चावल,आलू,आम, सब्जियों के निर्यात के साथ खाद्य प्रसंस्करण का हब बनेगा।
धर्मेंद्र मलिक प्रवक्ता भाकियू अराजनैतिक ने बताया कि आज भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के प्रतिनिधिमंडल ने एपीडा के मुख्यालय हौज खास में एपीडा के सचिव डॉ सुधांशु व उनके अधीनस्थ अधिकारियों के बैठक कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में निर्यात की फसलों पर चर्चा कर संभावनाओं को तलाशा। बैठक में फल,फूल,सब्जियों के निर्यात पर काफी गहनता से विचार विमर्श किया गया। जिसमे आम व केले की खेती को बढ़ावा दिए जाने व उचित मूल्य हेतु मुजफ्फरनगर,मेरठ,बुलंदशहर,शामली,बिजनौर,हापुड में पैक हाउस बनाने, गुड से बने उत्पादों की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ब्रेंडिग किए जाने, आगरा, मथुरा के बीच आलू की प्रोसेसिंग यूनिट बनाए जाने, फूलो की खेती को बढ़ावा दिए जाने हेतु नोएडा की फूल मंडी को कलेक्शन सेंटर बनाने आदि विषयो पर सहमति बनी। किसानों को जागरूक ,शिक्षित करने हेतु भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक और एपिदा मिलकर जनपदों में गोष्ठी आयोजित करेगे।
इसी क्रम में मुजफ्फरनगर जनपद में जल्द ही एपीडा के सहयोग से किसान, एक्सपोर्टर मीट का आयोजन भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक द्वारा आयोजित किया जाएगा।
धान के किसानों को अधिक मूल्य मिले इसके लिए बासमती धान के क्षेत्रों में कलस्टर बनाने व निर्यात की जाने वाली किस्मों के एरिया को बढ़ाए जाने हेतु एपीडा किसानों को बीज उपलब्ध कराएगी। इसमें राज्य सरकार का सहयोग भी लिया जाएगा।कलस्टर बनने से खरीददार को लुभाने में आसानी होगी। जैविक उत्पादन एपीडा के माध्यम से किसान से उपभोक्ता तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। जिसमे उत्पादक समूहों की भागेदारी सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के चेयरमैन बाबा राजेंद्र मलिक, राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मांगेराम त्यागी,विभोर शर्मा अध्यक्ष राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र,राजकुमार तोमर जिलाध्यक्ष मथुरा,दुष्यंत मलिक जिलाध्यक्ष शामली,दिनेश शर्मा,अशोक बालियान अध्यक्ष पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन, एस सी कुलश्रेष्ठ अध्यक्ष पॉली हाउस एसोसिएशन उत्तर प्रदेश,सुनील दायमा,गौरव मलिक,अंकित बालियान,काका गुजर, कारी अब्दुल्ला त्यागी मौजूद रहे।
अध्यक्ष एपीडा को दिए ज्ञापन में कहा गया कि मुज़फ्फरनगर में निर्यात योग्य कृषि उत्पादों के लिए क्लस्टर सुविधा इकाई का गठन किये जाने या एग्री एक्सपोर्ट हब बनाने की जरूरत है, ताकि यहाँ से अन्य जनपदों के किसानों को भी इसका लाभ मिल सके। वाणिज्य मंत्रालय और नेफेड के तहत काम करने वाली संस्था एपीडा कृषि उत्पादन में सुधार के लिए कृषि उत्पादों की गुणवत्ता और किसानों को कृषि उत्पादों की बेहतर कीमत दिलाने के लिए काम करता है।
एपीडा और लघु कृषक कृषि व्यापार संघ (SFAC) द्वारा एक समझौता के अंतर्गत, एपीडा और एसएफएसी संयुक्त रूप से निर्यातकों के साथ एफपीओ को जोड़ने के लिए काम कर रहे है। एपीडा, एसएफएसी द्वारा सहायता प्राप्त या चिन्हित किए गए किसान निर्माता कंपनियों (एफपीसी) द्वारा जैविक उत्पादों/क्षेत्रों के प्रमाणीकरण की सुविधा प्रदान करता है। एसएफएसी छोटे और सीमांत किसानों को किसान हित समूहों, किसान उत्पादक संगठनों और किसान उत्पादक कंपनी को संगठित करता है और छोटे और सीमांत किसानों को कृषि निवेशों की सुलभता और सस्ती उपलब्धता के लिए एक मंच प्रदान करता है।
उत्तरप्रदेश के जनपद वाराणसी में एपीडा ने किसान उत्पाादक संगठन (एफपीओ) के जरिए किसानों के उत्पाषद जैसे बनारसी लंगड़ा आम, काला चावल, हरी मिर्च आदि कृषि उत्पाद का विदेशों में निर्यात शुरू किया हुआ हैं। वाराणसी को एग्री एक्सपोर्ट सेंटर बनाने का प्रस्ताव वर्ष 2019 से क्रेता और विक्रेता मीट का आयोजन कर धरातल पर आया था। वाराणसी को एग्री एक्सपोर्ट हब बनाने के लिए लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट पर पांच टन क्षमता वाला कोल्डर चेंबर बनाया गया था, तथा एक पैक हाउस लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्री य एयरपोर्ट पर बनाये जाने की कार्यवाही शुरु हो चुकी है।
एपीडा के अनुसार वाराणसी में किसानों के खेतों के निकट भी अनुदान आधारित छोटे-छोटे पैक हाउस स्थापित करने की योजना भी है। यहाँ पर किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से अधिक से अधिक फार्मर प्रोडक्शन ऑगेर्नाइजेशन (एफपीओ) बनाकर उसके जरिये निर्यात कार्य कराए जाने की योजना पर काम चल रहा है। एपीडा व उद्यान विभाग के जरिए किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिससे निर्यात के मानकों के अनुरूप ही किसान अपनी पैदावार बढ़ा सकें। जनपद मुज़फ्फरनगर में इसकी बहुत सम्भावनाये है। अत: आपसे अनुरोध है कि जनपद मुज़फ्फरनगर में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) की भूमिका बढ़ाने हेतू एग्री एक्सपोर्ट सेंटर खोलने व् क्लस्टर सुविधा इकाई के गठन हेतू एपीडा द्वारा क्रेता और विक्रेता मीट का आयोजन करने के सम्बन्ध में समुचित कार्यवाही करने का कष्ट करें।
भवदीय
राजेंद्र सिंह मालिक धर्मेन्द्र मलिक मांगेराम त्यागी, राजकुमार तोमर दिनेश शर्मा।

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