इस्लाम में महिलाओं को दबाया जाता है, आखिर महिलाएं क्या करें : फरमानी नाज

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*हर-हर शंभू…गाने वाली मुस्लिम युवती फरमानी नाज बोलीं, इस्लाम में महिलाओं को दबाया जाता है, आखिर महिलाएं क्या करें*
“जब मेरे पति ने मुझे छोड़ दिया था तब ये उलेमा कहां थे। ये उलेमा इस्लाम के नाम पर महिलाओं के हर काम को हराम बता देते हैं। ये बताइए महिलाएं जाएं तो कहां जाएं।” ये शब्द हैं ‘हर हर शंभू’ गाकर सुर्खियों में आईं इंडियन आइडल फेम फरमानी नाज के। फरमानी मुस्लिम हैं। हरिद्वार में जब उन्होंने ‘हर-हर शंभू’ गाना गाया तो देवबंद के उलेमाओं ने उसके खिलाफ नाराजगी जाहिर की। कहा, “इस्लाम में नाच-गाना हराम है।”

फरमानी उलेमाओं के फतवे पर कहती हैं, “मैं जिन तकलीफों से गुजरी हूं उसका अंदाजा इन उलेमाओं को नहीं है। मेरा पति मेरे साथ बैठकर दूसरी लड़की से बात करता था। रोकने पर मुझे मारता था, यही नहीं एक पत्नी के होते हुए उसने दूसरी शादी कर ली, तब इन उलेमाओं को इस्लाम की याद क्यों नहीं आई।”
फरमानी नाज बताती हैं, “2018 में मेरी शादी मेरठ के एक गांव में इमरान अहमद से हुई थी। शादी के बाद से ही मेरे विचारों को लेकर घर में झगड़ा होने लगा। मेरे पति का किसी और लड़की के साथ अफेयर था। मेरे सास-ससुर सब जानते थे।
मैं इस बात का विरोध करती थी तो मुझे मारा जाता था। जान से मारने की धमकी दी जाती थी। आप सोचिए एक लड़की को कैसा लगेगा जब उसका पति उसे धोखा दे रहा हो। 2019 में मुझे एक बेटा हुआ। मुझे लगा बच्चा होने के बाद सब ठीक हो जाएगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
मेरे बेटे के गले में दिक्कत थी। वो बोल नहीं पाता था। इस बात को लेकर मुझे और मेरे बेटे को प्रताड़ित किया गया। कुछ दिनों बाद हम लोगों को घर से निकाल दिया गया। मेरे मां-बाप ने कर्ज लेकर मेरी शादी की थी। उसके बाद भी मेरे पति ने हम लोगों को छोड़ दिया।

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