विश्व हिंदू महासंघ भारत इकाई के विरुद्ध डॉक्टर अजय सिंह का सुनियोजित भ्रामक प्रोपेगेंडा करने का आरोप

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मुजफ्फरनगर । विश्व हिंदू महासंघ भारत इकाई के विरुद्ध डॉक्टर अजय सिंह का सुनियोजित भ्रामक प्रोपेगेंडा करने का आरोप लगाते हुए संगठन ने कहा कि डॉक्टर अजय सिंह का विश्व हिंदू महासंघ (अन्तरंष्ट्रीय या भारत इकाई) (world hindu फेडरेशन 1983 ) से कोई सम्बन्ध नहीं है। विश्व हिंदू महासंघ भारत के कार्यकारी अध्यक्ष महंत सुरेंद्र नाथ अवधूत ने कानूनी नोटिस भेजक जवाब मांगा है।
विश्व हिंदू महासंघ भारत के राष्ट्रीय सचिव प्रमोद त्यागी ने बताया कि विश्व हिंदू महासंघ 1983 में नेपाल काठमाडू मुख्यालय में पंजीकृत सयुक्त राष्ट्र से मान्यता प्राप्त संगठन है।जिसके भारत इकाई के फाउंडर मेम्बर एवं भारत इकाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष राष्ट्र सन्त ब्रह्मलीन महन्त अवैद्यनाथ नाथ महाराज थे , बाद में महन्त योगी आदित्यनाथ नाथ रहे।वर्तमान में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कालका पीठाधीश्वर सुरेंद्र नाथ अवधुत महाराज है।
योगी आदित्यनाथ जी महाराज वर्तमान में मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर है उनको किसी भी संगठन से जोड़ने के पहले मुख्यमंत्री कार्यालय उत्तर प्रदेश से जरूरी जानकारी एवम अनुमति प्राप्त की जानी अनिवार्य होती है। डॉक्टर अजय सिंह, जो 2016 में “वर्ल्ड हिन्दू फेडेरेशन ट्रस्ट” एक्ट में पंजीकृत कराया, और अपने आप को 2016 में स्वंयम्भू अन्तरंष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर लिए और पूर्व के कई देशों के सदस्यों को बरगला कर सूचना छिपा कर अपने गतिविधियों को शुरू कर दिया। (जबकि विश्व हिंदू महासंघ (वर्ल्ड हिन्दू महासंघ ) 1983 की पंजीकृत संगठन है जिसका मुख्यालय नेपाल काठमाण्डु है) कोई भी संगठन जो ट्रस्ट एक्ट में होगा जिसका कार्यक्षेत्र दिल्ली या अधिकतम भारत हो सकता है आपके स्वंभू अन्तरंष्ट्रीय अध्यक्ष कैसे अन्तरंष्ट्रीय इकाई गठन कर सकते है।
आप लोग डॉक्टर अजय सिंह जी से उनके संगठनकी पंजीकरण की कॉपी सार्वजनिक करने को कहे , मुझे पूर्ण रूप से विश्वास है कि जैसे वो पंजीकृत पेपर सार्वजनिक करेगे वो सबके सामने बेनकाब होंगे।
डॉक्टर अजय सिंह ने अंतरराष्ट्रीय सन्गठन ” विश्व हिंदू महासंघ (वर्ल्ड हिन्दू फेडरेशन अन्तरंष्ट्रीय ) ” के पिछले साल के कुछ अन्तरंष्ट्रीय इकाई में आपसी विवाद का फायदा उठाकर अब अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया। विश्व हिंदू महासंघ अन्तरंष्ट्रीय अब अन्तरंष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती अस्मिता भंडारी (नेपाल) के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में डॉक्टर अजय सिंह जी ने अपने कूटनीति एव गलत तथ्यों के बल पर नेपाल में पिछले 1,2 april को काठमाण्डू में कार्यक्रम किया ,यदि उनका संगठन वर्ल्ड हिन्दू फेडरेशन पंजीकृत था तो क्यों नेपाल विश्व हिंदू महासंघ के नाम से कार्यक्रम किये। चूंकि डॉक्टर अजय सिंह जी के पास जो भी टीम गयी उसको विश्व हिंदू महासंघ भारत के इकाइयों से हटाया गया था, अब डॉक्टर अजय सिंह तय करे कैसे एक ट्रस्ट के रूप में पंजीकृत संगठन ऐसा कर सकता है । विश्व हिंदू महासंघ भारत इकाई के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष महंत सुरेंद्र नाथ अवधुत जी ने डॉक्टर अजय सिंह जी के पूज्य योगी जी को डॉक्टर अजय सिंह के द्वारा संगठन से जोड़ने को लेकर लीगल नोटिस भेजी है। मान्य डॉक्टर अजय सिंह की अभी हैसियत नही की वो पूज्य योगी आदित्यनाथ जी महाराज को अपने अंडर में रखे ना डॉक्टर अजय सिंह जी कानूनी रूप से ऐसा कर सकते है। भारत इकाई के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष महन्त सरेन्द्र नाथअवधुत कालिका पीठाधीश्वर ने इस सम्बंध में मुख्यमंत्री पूज्य योगी आदित्यनाथ जी को अवगत करा दिया गया है।जल्दी डॉक्टर अजय सिंह के द्वारा प्रोपेगण्डा फैलाने पर रोक लगेगी। कृपया आप सभी सदस्य जो डॉक्टर अजय सिंह के बहकावे में आये है कृपया कानूनी तथ्यों को देखे।
किसी को कोई जानकारी में कन्फ्यूजन हो तो सम्पर्क कर सकता है। विश्व हिंदू महासंघ भारत इकाई एक पंजीकृत संगठन है। इसके नाम से खेलने का किसी को भी हक़ नही। योगी आदित्यनाथ का नाम प्रयोग कर डॉक्टर अजय सिंह जी कानूनी रूप से फस गए है। विश्व हिंदू महासंघ भारत इकाई के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ अवधुत जी से कोई भी सम्पर्क कर सकता है इस नाम का प्रयोग गलत तरीके से करेगा उसके उपर कानूनी कार्यवाही भी कराई जाएगी।
महन्त योगी आदित्यनाथ इस समय एक सवैधानिक पद पर है उनके नाम कर गलत प्रयोग करने से पहले कोई भी सन्गठन जरूर मुख्यमंत्री कार्यालय में सम्पर्क करके पूछ लें , कोई भी सदस्य कन्फ्यूजन में डॉक्टर अजय सिंह जी से ना जुड़ें।
यह जरूर सुनिश्चित करे कि जो डॉक्टर अजय सिंह अपने को अन्तरंष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में प्रचारित कर रहे है और अपने द्वारा योगी आदित्यनाथ जी महाराज को भारत इकाई का अध्यक्ष बना रहे है , क्या वो पिछले 5,6 सालो मे योगी आदित्यनाथ से मिले भी है या ऐसे ही बिना सहमति के बना दिये।
यह विषय बेहद भ्रामक है.
चूंकि डॉक्टर अजय सिंह जी की घोषणा सिर्फ एक प्रोपेगण्डा प्रतीत हो रही है इसमें सच्चाई कुछ नही। डॉक्टर अजय सिंह जी से निवेदन अपने तथाकथित संगठन पंजीकरण के पेपर सार्वजनिक करें।
यदि डॉक्टर अजय सिंह जी के पास योगी जी का सहमति पत्र हो वो भी सार्वजनिक करें।
विश्व हिंदू महासंघ- भारत इकाई से जुड़ने और संस्कृतिक संगठन के साथ आगे बढ़ने हेतु , सिर्फ वास्तविक 1983 में पंजीकृत संगठन”विश्व हिंदू महासंघ के भारत इकाई से ही जुड़े। किसी बहकावे या कन्फ्यूजन में जुड़ने से पहले जरूर तथ्यों की जांच कर ले।

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