आई.टी.फाउडेशन ने रफ़ी साहब को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की

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मुजफ्फरनगर । रूड़की रोड स्थित इंडियाज़ टेलेंट फाउंडेशन (I.T.F.) के कार्यालय पर रफ़ी साहब की 42 वीं पुण्यतिथि बहुत ही श्रद्धा पूर्वक मनाई गई कार्यक्रम मे पधारे मुख्य अतिथि प्रमुख समाजसेवी सरदार सतनाम सिंह हंसपाल जी एवं विशिष्ट अतिथिगण में दीपक वर्मा जी,धीरज त्यागी जी तथा आई.टी. फाउंडेशन की पूरी टीम द्वारा महान् गायक रफ़ी साहब के चित्र पर पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्वलित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई फाउंडेशन के सचिव एम् ए हाशमी अध्यक्ष वेदप्रकाश शर्मा ने अतिथियों का पट्टीका पहनाकर तथा पुष्प गुच्छ भेंट कर शानदार स्वागत किया सर्व प्रथम प्रोफेसर डॉ देव चौधरी जी ने ,, ना फ़नकार तुझ सा तेरे बाद आया मोहम्मद रफ़ी तू बहुत याद आया ,, आर.पी. मिश्रा जी ने ,,मैं निगाहें तेरे चेहरे से हटाऊ कैसे,, उस्ताद सैय्यद शारिक जी ने,, तू इस तरह से मेरी जिंदगी मे शामिल है,, प्रमोद पाल जी ने ,,हम तुमसे जुदा हो के मर जायेंगे रो रो के,, भीमसेन जी ने ,, याद न जाए बीते दिनों की ,, एम. सागर ने ,,आज इस दराज़ पिला दो।
हाफ़िज़ भाई ने,, अपनी आंखों में बसाकर कोई इकरार करूं,, एम् ए हाशमी जी ने,, बर्बाद मोहब्बत की दुआ साथ लिए जा,, वेदप्रकाश शर्मा ने,,इक न इक दिन ये कहानी बनेंगी,, कार्यक्रम मे सभी गायक कलाकारों ने शानदार गीत गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया कार्यक्रम की अपार सफलता पर मुख्य अतिथि हंसपाल सतनाम जी ने सफल मंच संचालन एवं शानदार गीतों की श्रंखला पेश करने पर आई.टी.फाउंडेशन के सम्मानित कोषाध्यक्ष बड़े उस्ताद अमीर खाँ साहब सचिव एम् ए हाशमी अध्यक्ष वेदप्रकाश शर्मा तथा उनकी टीम की जमकर प्रशंसा की उन्होंने अपने शब्दों में कहा कि मोहम्मद रफ़ी साहब जैसा गायक दुनिया में दूसरा पैदा नही हो सकता देश ही क्या विदेशों मे भी उनके करोड़ों प्रशंसक मौजूद हैं और जब तक दुनिया रहेगी वो अपने गीतों के माध्यम से हमारे बीच मौजूद रहेंगे उन्होंने इस बात का जीता जागता उदाहरण चलते हुए कार्यक्रम के दौरान ही पेश कर दिया उन्होंने कहा कि रफ़ी साहब को श्रद्धांजलि के लिए जो दीपक प्रज्वलित किया गया है वो ठीक ऊपर चल रहे तेज़ स्पीड पंखे से बुझना तो दूर फड़फड़ाया तक नहीं रफ़ी साहब की हमारे बीच मौजूदगी का इससे बड़ा उदाहरण और क्या होगा उनकी बात और इस अदभुत दृश्य को देखकर वहाँ मौजूद सभी लोग भौंचक्के रह गए तथा रफ़ी साहब अमर रहें के नारे लगाने लगे वशिष्ठ अतिथि दीपक वर्मा जी ने कहा कि हमने बहुत कार्यक्रम देखें लेकिन ऐसा कभी देखा न सुना उन्होंने जल्द ही बड़ा कार्यक्रम कराने का आश्वासन दिया इस कार्यक्रम को सफल बनाने में शालू शाहनूर,आदिल अदनान तथा इरफ़ान सैफी जूनियर शारिक का विशेष सहयोग रहा।

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