गुजरात दंगों में मोदी को क्लीन चिट देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कही यह बड़ी बात

0
78

नई दिल्ली। वर्ष 2002 के गुजरात दंगा मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी समेत 64 लोगों को विशेष जांच दल (एसआईटी) की ओर से दिए गए क्लीन चिट को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। कांग्रेस सांसद एहसान जाफरी की पत्नी जाकिया जाफरी की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने यह भी समझाया कि प्रशासन की किसी खामी या सही समय पर उचित कार्रवाई नहीं कर पाने को साजिश से नहीं जोड़ा जा सकता है। कोर्ट ने अपनी बात समझाने के लिए कोरोना महामारी का भी उदाहरण दिया।
जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस सीटी रविकुमार की बेंच ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील कपिल सिब्बल की दलीलों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि राज्य प्रशासन की असफलता या निष्क्रियता के आधार पर साजिश की बात नहीं कही जा सकती है। कोर्ट ने आगे कहा कि राज्य प्रशासन के कुछ अधिकारियों की असफलता या निष्क्रियता आपराधिक साजिश का आधार नहीं हो सकता है या यह नहीं कहा जा सकता है कि यह अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ राज्य प्रयोजित अपराध (हिंसा) है।

कोरोना का उदाहरण दे समझाई बात
कोर्ट ने अपनी बात समझाते हुए कहा कि आपातकालीन समय में राज्य प्रशासन का विफल हो जाना कोई अनोखी चीज नहीं है। कोर्ट ने कोरोना महामारी का उदाहरण दिया कि सबसे अच्छी सुविधाओं से लैस सरकारें विफल होती दिखीं। कोर्ट ने पूछा कि क्या इसे आपराधिक साजिश कहा जा सकता है?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here