मुजफ्फरनगर भाजपा कार्यालय पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर बलिदान दिवस का आयोजन

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मुजफ्फरनगर । गाँधीनगर स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पर भारत की एकता के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर देने वाले “भारतीय जनसंघ के संस्थापक महान शिक्षाविद व प्रखर राष्ट्रवादी विचारक परम पूजनीय डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 69वी पुण्यतिथि के अवसर पर एक बलिदान दिवस कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमे मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय मंत्री अनूप वाल्मीकि का जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला व पदाधिकारियों द्वारा पुष्प गुच्छ व पटका पहनाकर भव्य स्वागत किया।
सर्व प्रथम मुख्य अतिथि क्षेत्रीय मंत्री अनूप वाल्मीकि व जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला ने डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी गई।
मुख्य अतिथि क्षेत्रीय मंत्री अनूप वाल्मीकि ने उनके बारे चर्चा करते हुए बताया की डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रीय एकता, संस्कृतिक समर्पण, शिक्षा और विकास के नवीन विचारों का एक अदभुत संगम था बंगाल की रक्षा के लिए उनके संघर्ष और कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए हर भारतवासी ऋणी है, डॉ० मुखर्जी की विद्रुता और ज्ञान सम्पदा का लोहा उनके राजनितिक विरोधी भी मानते थे वो जानते थे की उस समय की सरकार जिन विचारो और नीतियों पर चल रही थी उससे देश की समस्याओं का निराकरण सम्भव नही होगा इसलिए इन्होंने राष्ट्रहित में सत्ता सुख को त्याग लंबे संघर्ष का जटिल मार्ग चुना।
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष विजय शुक्ला जी ने डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि डॉ० श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक प्रख्यात शिक्षाविद, चिंतक व भाजपा की मूल पार्टी जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक अहम नेता थे महर्षि कश्यप की कर्मभूमि जम्मू कश्मीर के एकत्रीकरण व परमिट सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाने वाले श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना में अहम भूमिका निभायी थी वे अपनी मुखर आवाज को ले विख्यात थे और पंडित नेहरू द्वारा बनाई गई पहली राष्ट्रीय सरकार में उधोग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में शामिल हुए उन्होंने नेहरू लियाकत समझौता के विरोध में मंत्री मंडल से त्यागपत्र दे दिया अक्टूबर 1951 में दिल्ली में उनकी अध्यक्षता में भारतीय जनसंघ की स्थापना की गई 1952 में आम चुनाव में दक्षिण कोलकाता संसदीय क्षेत्र से चुने गए इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस वह कम्युनिस्ट उम्मीदवारों को हराया इसके कानपुर में अखिल भारतीय अधिवेशन की अध्यक्षता की ओर जम्मू कश्मीर राज्य के भारत में पूर्ण विलय के लिए प्रजा परिषद आंदोलन का समर्थन किया और 11 मई को कश्मीर में बिना परमिट के प्रवेश किया और गिरफ्तार हो गए 23 जून को प्रातः श्रीनगर में कारावास की स्थिति में रहस्यमय परिस्थितियों में उनका देहांत हो गया 24 जून को उनका कोलकाता में अंतिम संस्कार किया गया।
*”जहा हुए बलिदान मुखर्जी वो कश्मीर हमारा है जो कश्मीर हमारा है वो सारा का सारा है”* के नारे को माननीय नरेन्द्र मोदी द्वारा कश्मीर से धारा 370 को हटाकर उनके सपनो को साकार किया।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला और पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा वृक्षारोपण के कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया और उन्होंने सभी से आह्वान किया कि 23 जून से 6 जुलाई तक जिले के प्रत्येक बूथ पर 10-10 वृक्ष लगाकर वृक्षारोपण का कार्यक्रम किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व सांसद सोहनवीर सिंह, पूर्व विधायक अशोक कंसल, पूर्व जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ० वीरपाल निर्वाल, सुखदर्शन बेदी, राजीव गर्ग, जिला महामंत्री विजय सैनी, रोहिल वाल्मीकि, जिला उपाध्यक्ष बिजेंद्र पाल, संजय गर्ग, अमित चौधरी, राजीव सिंह, जिला मंत्री सचिन सिंघल, वैभव त्यागी, रेनू गर्ग, सुधीर खटीक, जिला कोषाध्यक्ष रमेश खुराना, जिला मीडिया प्रभारी प्रवीण शर्मा, जिलाध्यक्ष किसान मोर्चा अमित रावल, ब्लाक प्रमुख गौरव चौधरी, अनिल राठी, चेयरमैन प्रवेन्द्र भडाना, जिला पंचायत सदस्य तरुण पाल, प्रवीण कुमार, ठाकुर रामनाथ प्रमोद कश्यप, संजय धीमान, मनोज पांचाल, सागर वाल्मीकि, रामकुमार शर्मा, महेश सैनी, संजय चौधरी, हरपाल महार, विपुल शर्मा, रविकांत शर्मा, लक्ष्मण शर्मा आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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