सत्ताईस साल बाद जब धरती से भोजन खत्म हो जाएगा तो क्या खाएंगे लोग

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नई दिल्ली। आने वाले 27 सालों में यानी 2050 तक दुनियाभर का परंपरागत खाना खत्म हो जाएगा। वैज्ञानिकों ने खाने का एक मेन्यू तैयार किया है। इसमें बताया है कि जब दुनियाभर से मौजूदा परंपरागत भोजन खत्म हो जाएगा तो उस दौरान लोगों की थाली में क्या-क्या बचेगा?
इन दिनों पूरा विश्व एक साथ कई चुनौतियों से जूझ रहा है। जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, बढ़ती जनसंख्या, बढ़ती बीमारियां हर किसी के लिए परेशानी का सबब बन चुकी हैं। विकास की दौड़ में लगभग हर देश ने प्रकृति को काफी नुकसान पहुंचाया। अब इसका असर दिखने लगा है। आने वाले दिनों में स्थितियां भयावह हो सकती हैं।
कुछ दिनों पहले एक ऐसी ही रिपोर्ट सामने आई है। कहा गया है कि आने वाले 27 साल में यानी 2050 तक दुनियाभर का परंपरागत खाना खत्म हो जाएगा। वैज्ञानिकों ने खाने का एक मेन्यू तैयार किया है। इसमें बताया है कि जब दुनियाभर से मौजूदा परंपरागत भोजन खत्म हो जाएगा तो उस दौरान लोगों की थाली में क्या-क्या बचेगा? लोग सुबह क्या नाश्ता करेंगे, दोपहर और फिर रात में क्या खाएंगे? आइए जानते हैं रिपोर्ट में क्या-क्या कहा गया है?
सोशियो बायोलॉजिस्ट एडवर्ड विल्सन ने पिछले दिनों एक डराने वाली चेतावनी जारी की। इसमें दावा किया कि अगले 27 सालों में इंसानों के पास भोजन समाप्त हो जाएगा। वैज्ञानिकों ने कहा कि अगर लोग खुद में बदलाव नहीं लाएंगे तो साल 2050 की शुरुआत तक इंसानों के पास खाने के लिए कुछ भी नहीं रहेगा। यही नहीं, तब भोजन और पानी को लेकर अगला विश्वयुद्ध होगा।
एडवर्ड विल्सन ने कहा कि अगर हर कोई शाकाहारी बन जाता है, तो धरती के पास उतना अन्न होगा जिससे दुनिया के लोगों का पेट भर सके। विल्सन के मुताबिक, मीट खाने वाले लोगों को ज्यादा भोजन की जरूरत होती है। जबकि 2050 तक दुनिया की आबादी करीब 10 अरब हो जाएगी। ऐसे में सभी को खाने के लिए अबकी तुलना में 70 प्रतिशत अधिक अन्न चाहिए। वहीं, इसके पहले 2030 तक खाने की डिमांड 35% तक बढ़ जाएगी।
डायटिशियन प्रेरणा सिंह भी एक रिपोर्ट का हवाला देती हैं। कहती हैं, ‘जनसंख्या बढ़ने के साथ भोजन की खपत भी बढ़ रही है। ऐसे में जितना भोजन पिछले आठ हजार सालों में पैदा हुआ है उससे अधिक भोजन की जरूरत 40 सालों में होगी। लोग हर दिन ज्यादा भोजन कर रहे हैं और बर्बाद भी कर रहे हैं।’
भोजन खत्म होने की रिपोर्ट के बाद अब वैज्ञानिकों ने एक नई रिपोर्ट जारी किया है। इसमें बताया गया है कि जब 2050 तक परंपरागत भोजन खत्म हो जाएगा तब लोगों को खाने में क्या-क्या मिलेगा?
बीबीसी ने कीव के वैज्ञानिक डॉ सैम पिरिनोन का हवाला दिया है। डॉ. सैम के मुताबिक, जलवायु में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। इसके लिए खाद्य पदार्थों का संकट भी बढ़ेगा। जलवायु परिवर्तन के चलते खाद्य पदार्थों का उत्पादन घट जाएगा, वहीं बढ़ती आबादी के चलते इसकी खपत कई गुना अधिक हो जाएगी।
डॉ. सैम आगे कहते हैं, ‘हां, यह सभी है कि अगले 27 सालों में खाद्य पदार्थों का संकट लोगों को परेशान कर देगा, लेकिन इसका विकल्प भी होगा। अभी दुनियाभर में सात हजार से ज्यादा ऐसे पौधे हैं, जिनसे इंसान को भोजन मिल सकता है। इनमें से केवल 417 पौधों का ही मौजूदा समय इस्तेमाल हो रहा है।’

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