लखनऊ: उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी डॉक्टरों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने चेतावनी दी है कि जो भी सरकारी डॉक्टर अस्पताल की दवाओं के बजाय बाहर की दवा लिखेगा, उसे निलंबित (Suspend) कर दिया जाएगा। अगर डॉक्टर अस्पताल में अपनी ड्यूटी पर मौजूद नहीं मिलते हैं, तो इसके लिए सीधे CMS (मुख्य चिकित्सा अधीक्षक) जिम्मेदार माने जाएंगे।
यह फैसला सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त दवाएं सुनिश्चित कराने और डॉक्टरों की उपस्थिति बनाए रखने के लिए लिया गया है।
Author: Taja Report
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