लखनऊ। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि प्रदेश, कृषि उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है. गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा उत्पादन में राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का योगदान सर्वाधिक है. हमारी सरकार के अब तक के कार्यकाल में 3,04,321 करोड़ रुपये से अधिक के रिकार्ड गन्ना मूल्य का भुगतान कराया गया है. यह भुगतान इसके पूर्व के 22 वर्षों के सम्मिलित गन्ना मूल्य भुगतान 2,13,519 करोड़ रुपये से भी 90,802 करोड़ रुपये अधिक है.
पेराई सत्र 2025-2026 हेतु गन्ना मूल्य की दरों में 30 रूपये प्रति कुंतल की वृद्धि की गयी है. इस बढ़ोत्तरी से गन्ना किसानों को लगभग 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त गन्ना मूल्य भुगतान प्राप्त होगा.
रबी विपणन वर्ष 2025-2026 में कृषकों से 10.27 लाख मीट्रिक टन गेंहू का क्रय करते हुए 2,512 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया.
खरीफ विपणन वर्ष 2025-2026 में कृषकों से 42.96 लाख मीट्रिक टन धान का क्रय करते हुए 9,710 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया.
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 54,253 कृषकों से 2.14 लाख मीट्रिक टन बाजरा क्रय करते हुए कृषकों को 595 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया.
किसान एग्री हब बन रहा
लखनऊ के गोमतीनगर में किसान एग्री हब का निर्माण चल रहा है. कृषकों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के कार्यक्रम चल रहे.
अयोध्या बनेगा स्मार्ट सिटी
प्रदेश में हवाई पट्टियों के निर्माण और भूमि अर्जन के लिए 1100 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
स्मार्ट सिटी की तर्ज पर यूपी के 7 नगर निगमों (अयोध्या, फिरोजाबाद, गोरखपुर, गाजियाबाद, मथुरा-वृंदावन, मेरठ और शाहजहांपुर) को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की पहल)
नागरिक उड्डयन के लिए 2111 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
नई स्कीम मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लिए 1000 करोड़ आवंटित
मुख्य घोषणाएं:
एग्री एक्सपोर्ट हब: वित्त मंत्री ने बताया कि यूपी कृषि उत्पादन में नंबर वन है। राज्य में एग्री एक्सपोर्ट हब बनाए जाएंगे, जिससे कृषि उत्पादों की निर्यात क्षमता बढ़ेगी।
युवाओं को रोजगार की ट्रेनिंग: सरकार युवाओं को रोजगार के लिए ट्रेनिंग देने की योजना बना रही है, ताकि उन्हें कुशल श्रमिक बनाया जा सके।
किसानों के लिए योजनाएं: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लगभग 62 लाख किसानों को फायदा पहुंचाया गया। इसके अलावा, किसानों को 51 लाख करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति भी की गई है।
निवेश और रोजगार: वित्त मंत्री ने बताया कि यूपी में निवेश तेजी से बढ़ रहा है। फरवरी 2024 में चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स सम्मिट के बाद 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हस्ताक्षरित हुए हैं, जिनसे 10 लाख रोजगार के अवसर उत्पन्न हो सकते हैं।
मोबाइल फोन विनिर्माण: यूपी अब भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र बन चुका है, जहां देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत होता है।
इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में बढ़ोतरी: प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, और प्रदेश की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स यूनिट्स देश में स्थित हैं।

