Taja Report

मुजफ्फरनगर तीन पेपर मिलों के ट्राॅमिल प्लांट सील,जिसमें दो बड़ी पेपर मिल है

मुजफ्फरनगर। जनपद में पर्यावरण नियमों को ताक पर रखकर मुनाफे की होड़ में लगी औद्योगिक इकाइयों पर जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने कड़ा शिकंजा कसा है। पेपर मिलों में आरडीएफ के उपयोग में बरती जा रही भारी अनियमितताओं का संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। मानकों का उल्लंघन करने पर जानसठ रोड स्थित तीन प्रमुख पेपर मिलों जिसमें मशहूर जीनस पेपर मिल और ‘केके डुप्लेक्स’ शामिल हैं, के ट्राॅमिल प्लांट को सील कर दिया गया है। दरअसल, पिछले काफी समय से स्थानीय निवासियों और पर्यावरणविदों द्वारा जिला प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि जनपद में संचालित पेपर मिलों में आरडीएफ का अनियंत्रित और नियमों के विरूद्ध  अंधाधुंध प्रयोग किया जा रहा है। इससे न केवल पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इन गंभीर शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने मामले की जमीनी हकीकत जानने और निष्पक्ष जांच के लिए तत्काल एक ‘संयुक्त समिति’ का गठन कर दिया। डीएम के निर्देशों के अनुपालन में, सोमवार को इस संयुक्त प्रशासनिक और विभागीय समिति ने जनपद की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। नगर मजिस्टे्रट के नेतृत्व में जब टीम मिलों के अंदर पहुंची तो वहां हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान समिति ने पाया कि आरडीएफ की प्रोसेसिंग के लिए मिलों में स्थापित ट्राॅमिल प्लांट शासन द्वारा निर्धारित मानकों और पर्यावरण नियमों के अनुरूप बिल्कुल भी संचालित नहीं हो रहे थे। प्रोसेसिंग में भारी लापरवाही बरती जा रही थी। र्यावरण मानकों के इस खुले उल्लंघन को देखते हुए संयुक्त टीम ने मौके पर ही सख्त कदम उठाया। नगर मजिस्टन्न्ट के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए जानसठ रोड स्थित तीन बड़ी पेपर मिलों के ट्राॅमिल प्लांट को तुरंत प्रभाव से सील कर दिया। इनमें मैसर्स जीनस पेपर एंड बोड्र्स लिमिटेड, मैसर्स केके डुप्लेक्स एंड पेपर मिल्स तथा एक अन्य पेपर मिल शामिल है। प्रशासन और प्रदूषण विभाग की इस बड़ी और संयुकत कार्रवाई से जनपद के उद्योग जगत, विशेषकर पेपर मिल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि जिला प्रशासन औद्योगिक विकास के पक्ष में है, लेकिन पर्यावरण और आम जनमानस के स्वास्थ्य की कीमत पर किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी सूत्रों का कहना है कि प्रशासन आने वाले दिनों में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रखेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाली अन्य इकाइयों पर भी गाज गिर सकती है।

 

 

 

Taja Report
Author: Taja Report

Advertisements
Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *