मुजफ्फरनगर। मोरछडी और हिंदू भजन के नाम पर जनपद में वर्षों से धर्म की आड़ में चल रहे ठगी के संगठित गिरोह का पुलिस ने बड़ा पर्दाफाश किया है। ऑपरेशन सर्च लाइट के तहत थाना ककरौली पुलिस ने ऐसे छह लोगों को गिरफ्तार किया है जो धर्म बदलकर साधु का भेष धारण कर गांव-गांव घूमते थे और इलाज, तंत्र-मंत्र व संकट दूर करने के नाम पर भोली-भाली महिलाओं से ठगी करते थे। इसके अलावा भी उनका कोई और उद्देश्य था, इस बाबत पूछताछ की जा रही है।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह गिरोह पिछले करीब सात वर्षों से सक्रिय था और मीरापुर क्षेत्र में किराए के मकान में रहकर पूरे जिले में नेटवर्क चला रहा था। गिरोह का प्रत्येक सदस्य प्रतिदिन करीब 1500 से 2000 रुपये कमाता था, जबकि पूरा समूह रोजाना 15 से 20 हजार रुपये तक की अवैध कमाई कर रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पूरी तरह साधुओं की तरह कपड़े पहनते थे और खुद को बड़े चमत्कारी बाबा बताकर लोगों को प्रभावित करते थे। ये लोग हिंदी और संस्कृत भाषा को मिलाकर ऐसी शैली में बात करते थे जिससे सामने वाला उनकी बातों में आ जाए। बीमारी ठीक करने, घर की परेशानियां दूर करने और दुर्भाग्य खत्म करने का झांसा देकर घरों में घुसकर नकदी व सामान की वसूली करते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से छह फर्जी आधार कार्ड, डमरू, खंजड़ी, सारंगी, मोरपंख की छड़ी, भभूत, कलावा, चंदे की रसीदें और तंत्र-मंत्र से जुड़ा अन्य सामान बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शकील पुत्र बालू, शौकीन पुत्र फैसु, इकबाल पुत्र रमजान, सजील पुत्र बालू, अय्यूब पुत्र महबूब सभी निवासी ग्राम जौला, थाना बुढाना तथा हनीश पुत्र मोना जोगी निवासी ग्राम गोयला थाना शाहपुर के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार इन आरोपियों ने अपनी असली पहचान छुपाने के लिए फर्जी नाम-पते से आधार कार्ड बनवाए थे और खुद को मीरापुर क्षेत्र का निवासी बताकर लोगों को भ्रमित करते थे। एसएसपी ने बताया कि इस गिरोह से जुड़े कुल 13 नाम सामने आए हैं। एक आरोपी को पहले ही जेल भेजा जा चुका है जबकि छह अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
प्रेस वार्ता में एसपी देहात आदित्य बंसल और सीओ भोपा देवव्रत वाजपेई भी मौजूद रहे। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।


