नई दिल्ली। इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर इंटरनेट कनेक्टिविटी पर भी पड़ने का खतरा मंडरा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने लाल सागर में बिछी इंटरनेट केबल्स को डैमेज करने की धमकी दी है.अगर ऐसा होता है तो दुनियाभर के कई देशों में इंटरनेट स्पीड पर बुरा असर पड़ेगा. सीधे तौर पर ईरानी अधिकारियों ने इसे कंफर्म नहीं किया है, लेकिन बड़े ट्विटर हैंडल्स पर इसे लेकर चर्चा चल रही है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने कहा है कि अगर खाड़ी देश अमेरिकी सैनिकों को पनाह देते रहेंगे तो वह इंटरनेट केबल डैमेज कर सकता है. लाल सागर से गुजरने वाली इंटरनेट केबल से दुनिया का 17 प्रतिशत इंटरनेट ट्रैफिक हैंडल होता है. इन्हीं केबल से यूएई और सऊदी अरब में बने माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और अमेजन के एआई हब्स को कनेक्टिविटी मिलती है. अगर इन केबल्स को डैमेज किया जाता है तो कई महीनों तक आउटेज झेलना पड़ सकता है. मेटा के कॉन्ट्रैक्टर पहले ही फारस की खाड़ी से निकल चुके हैं.
लाल सागर में फाइबर ऑप्टिक केबल का एक जाल बिछा हुआ है, जो लगभग 30 प्रतिशत रीजनल इंटरनेट ट्रैफिक को हैंडल करते हुए एशिया, यूरोप और मिडल ईस्ट को कनेक्ट करता करता है. इन्हीं केबल से मिलने वाली कनेक्टिविटी से फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन से लेकर वीडियो कॉल्स, ईमेल और एआई वर्कलोड मैनेज होता है. ये दुनिया के कई उभरते एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को भी कनेक्ट करते हैं.
अगर इंटरनेट केबल्स को डैमेज किया जाता है तो भारत पर भी इसका असर पड़ेगा. भारत में करोड़ों लोग इंटरनेट यूज करते हैं. ऐसे में अगर केबल्स डैमेज होती हैं तो इंटरनेट स्पीड के साथ-साथ क्लाउ सर्विस और डिजिटल बिजनेस के ऑपरेशन पर असर पड़ना तय है. वहीं अगर डैमेज ज्यादा होता है और इसे ठीक करने में लंबा समय लगता है तो इससे ऑनलाइन ट्रांजेक्शंस से लेकर क्लाउट इंफ्रास्ट्रक्चर तक पर गहरा असर होगा.


