नई दिल्ली। गोल्ड डॉट आरजी नाम की एक वेबसाइट के अनुसार, धरती पर इतना सोना है कि अगर इससे 5 माइक्रॉन जितना पतला तार बनाया जाए तो इससे पूरी दुनिया को 1.1 करोड़ बार लपेटा जा सकता है। यही नहीं धरती पर धरती पर कोई ऐसा महाद्वीप नहीं है, जहां सोना न हो। यहां तक कि सभी समुद्रों में सोना भरा पड़ा है। अनुमान के अनुसार, दुनिया के सारे महासागरों में करीब 2 करोड़ टन सोना भरा पड़ा है। हर 100 मिलियन मीट्रिक टन समुद्री पानी में 1 ग्राम सोना पाया जाता है। अटलांटिक और उत्तरी प्रशांत महासागरों में सोना पाए जाने की संभावना सबसे ज्यादा होती है।
सोने को हीरे से भी दुर्लभ माना जाता है। दरअसल, हीरा कार्बन से बनता है, जो पूरी धरती पर है। वहीं सोना धरती के ऊपरी सतह पर बहुत ही मामूली रूप से पाया जाता है। धरती के ऊपरी सतह के प्रति 100 करोड़ हिस्से में से महज 4 हिस्सा ही सोना है। अगर भूकंप आते हैं तो सोने की बनने की संभावना बढ़ जाती है। धरती के क्रस्ट में छोटे-छोटे गड्ढे बन जाते हैं, जिसमें सोने और सिलिकेट मिनरल्स लिक्विड के रूप में भर जाते हैं। यही सोना बनाते हैं। सोना भले ही दुर्लभ धातु है, मगर यह सबसे महंगी धातु नहीं है। धरती पर सबसे महंगी धातु पैलेडियम और रोडियम हैं। सोने की कीमत मांग के अनुसार बढ़ती-घटती रहती है।
1215diamonds.com पर छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, करीब 20 करोड़ साल पहले जब धरती पर क्षुद्र गहों की बमबारी हो रही थी यानी वे धरती से टकराकर गिर रहे थे, तब सोने का जन्म हुआ। धरती का कोर और उसका आवरण यानी मैंटल में सोना पाया गया है। दुनिया में इकलौता सोना ही जो नेचुरल रूप से सुनहरा होता है। दूसरी धातुओं में यह कलर विकसित करना पड़ता है। अगर सोने में कोई मिलावट की जाती है तो इसका सुनहरा रंग करीब-करीब सफेद हो जाता है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने 6,700 टन गोल्ड को 5,30,000 सोने की ईंटों में रखा है। इससे पहले 1973 में रिकॉर्ड 12,000 टन सोना रिजर्व रखा गया था। दुनिया में सोने की सबसे बड़ी खदानें दक्षिण अफ्रीका में हैं। मगर आपको यह जानकर हैरानी होगी कि पहली बार इन खदानों के बारे में पता तब चला जब 1885 में एक ऑस्ट्रेलियाई मजदूर जॉर्ज हैरिसन ने जोहानिसबर्ग में घर बनाने के लिए खुदाई शुरू की। उसी दौरान जॉर्ज को सोने की खदानों का पता चला। इससे पहले रोम के महान राजा जूलियस सीजर ने गॉल की लड़ाई में जीत हासिल करने पर अपने हर सैनिक को 200-200 सोने के सिक्के दिए थे। आज के दौर में दुनिया का सबसे बड़ा सोने का सिक्का 2012 में ऑस्ट्रेलिया के पर्थ मिंट बनाया गया था। इसका वजन 1 टन है और इसका डायमीटर 80 सेंटीमीटर है।

