Taja Report

बुज़ुर्ग माता के साथ हिंसा रोकने को कानून में बदलाव हो

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश में बुज़ुर्ग माता के साथ हिंसा की घटना रोकने के लिए कानून में विधिक परिवर्तन होने चाहिए

पीजेंट के चेयरमैन अशोक बालियान ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश के जनपद गाजियाबाद, मधुबन बापूधाम क्षेत्र में एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें निशांत ठाकुर अपनी 70 वर्षीय बीमार मां के साथ मारपीट करता दिखाई देता है। पीड़िता की बेटी, जो अमेरिका में रहती हैं, ने मां की सुरक्षा हेतु कमरे में सीसीटीवी (CCTV) कैमरा लगवाया था। इसी कैमरे की रिकॉर्डिंग से यह अमानवीय कृत्य सामने आया।

यह घटना न केवल पारिवारिक नैतिकता पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि बुज़ुर्गों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर चिंता उत्पन्न करती है। इस तरह की घटनाओं को दुनिया के अनेकों देशों में बहुत गम्भीरता से लिया जाता है। जैसे-

कनाडा में Elder Abuse (बुज़ुर्गों के साथ दुर्व्यवहार) को एक गंभीर अपराध माना जाता है। इसमें शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और उपेक्षा—सभी शामिल हैं।

मुख्य प्रावधान व कार्रवाई:

• तत्काल पुलिस हस्तक्षेप:

सीसीटीवी (CCTV), फोन कॉल या किसी भी साक्ष्य के आधार पर पुलिस तुरंत आरोपी को हिरासत में लेती है।

• Criminal Code of Canada के अंतर्गत:

o मारपीट (Assault)

o शारीरिक नुकसान पहुँचाने वाला हमला (Assault Causing Bodily Harm)

o आपराधिक लापरवाही (Criminal Negligence)

• सज़ा:

o 5 से 10 वर्ष तक की जेल (गंभीर चोट या बार-बार अपराध में)

• Protection Order:

आरोपी को पीड़ित के पास जाने या संपर्क करने से रोका जाता है।

• बुज़ुर्ग को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरण:

सरकार द्वारा सहायता पर रहना (Assisted Living) या घर का ख्याल रखने (Care Home) की व्यवस्था की जाती है।

• बाल/परिवार सेवाएँ Child/Family Services की निगरानी:

परिवार की निगरानी होती है और आरोपी की संपत्ति/विरासत पर भी रोक लग सकती है।

👉 महत्वपूर्ण बात:

कनाडा में “यह पारिवारिक मामला है” कहकर कोई भी आरोपी नहीं बच सकता।

________________________________________

इसी प्रकार अमेरिका में Elder Abuse एक फेलोनी अपराध (गंभीर अपराध) है।और वहां पर-

कानूनी ढांचा:

• वयस्क सुरक्षा सेवाएँ Adult Protective Services (APS)

• राज्य आपराधिक कानून State Criminal Laws

• फ़ेडरल एल्डर जस्टिस एक्ट Federal Elder Justice Act

कार्रवाई की प्रक्रिया:

• सीसीटीवी (CCTV), या डिजिटल साक्ष्य को अदालत में निर्णायक सबूत माना जाता है।

• आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी।

• निरोधक आदेश Restraining Order जारी कर पीड़ित से दूरी सुनिश्चित की जाती है।

• सज़ा:

o 1 से 20 वर्ष तक की जेल (राज्य व अपराध की गंभीरता पर निर्भर)

o भारी जुर्माना

• आर्थिक शोषण की स्थिति में:

o बैंक खाते सीज़

o पावर ऑफ़ अटॉर्नी (Power of Attorney) रद्द

 

• पीड़ित के लिए:

o सरकारी संरक्षण

o मेडिकल व मानसिक परामर्श

o सुरक्षित आवास

________________________________________

4. भारत के संदर्भ में सीख

भारत में Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007 मौजूद है, किंतु

• कानून का प्रभावी क्रियान्वयन कमजोर है

• समाजिक दबाव में शिकायतें दब जाती हैं

जबकि कनाडा और अमेरिका में:

घर से तत्काल निष्कासन (Immediate Removal from Residence)

• आरोपी को तुरंत घर खाली करने का आदेश

• भले ही घर आरोपी के नाम पर हो

• पीड़ित बुज़ुर्ग को उसी घर में रहने का पूर्ण अधिकार

👉 इसे आपातकालीन बहिष्करण आदेश Emergency Exclusion Order कहा जाता है

आरोपी को:

• नियमित रूप से कोर्ट/प्रोबेशन ऑफिसर को रिपोर्ट करना

• कोर्ट आदेश से आरोपी को:

• एंगर मैनेजमेंट

• साइकोलॉजिकल असेसमेंट

• घरेलू हिंसा पुनर्वास कार्यक्रम

• अनुपालन न करने पर हिरासत

• कानून पीड़ित के पक्ष में खड़ा होता है

• परिवार, समाज या परंपरा—कोई भी हिंसा का बहाना नहीं बन सकता

________________________________________

अमेरिका व कनाडा में बुज़ुर्ग उत्पीड़न के मामलों में सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता

1. तत्काल सुरक्षा व आपात हस्तक्षेप (Emergency Protection)

• पुलिस + Adult Protective Services (APS) / Provincial Elder Services

• 24–48 घंटे के भीतर:

o आरोपी को घर से हटाना

o बुज़ुर्ग को सुरक्षित स्थान पर ले जाना

• Emergency Protection Order स्वतः लागू

________________________________________

2. सुरक्षित आवास (Safe Housing & Shelter)

• सरकारी खर्च पर:

o Senior Shelter Homes

o Assisted Living Facilities

o Short-term Protective Housing

• बुज़ुर्ग की इच्छा से:

o स्थायी केयर होम में स्थानांतरण

👉 पीड़ित को घर छोड़ने के लिए मजबूर नहीं किया जाता, बल्कि आरोपी को हटाया जाता है।

3. नया केयरगिवर व घरेलू सहायता

• सरकार नियुक्त करती है:

o प्रमाणित देखभालकर्ता (Caregiver)

o होम नर्सिंग सेवा के लिए Home Nurse

o समाज सेवक (Social Worker)

• नियमित निरीक्षण व दोबारा उत्पीड़न रोकने हेतु Long-Term Safety Plan

• केयरगिवर का खर्च सरकार वहन करती है

 

5. निष्कर्ष एवं सुझाव

“बुज़ुर्ग माता-पिता केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज और राज्य की सामूहिक जिम्मेदारी हैं।

कनाडा और अमेरिका ने यह सिद्ध किया है कि यदि कानून सख्त हो और तंत्र संवेदनशील, तो कोई भी आरोपी बच नहीं सकता।” उत्तरप्रदेश में भी बुज़ुर्ग माता-पिता के साथ बुरे व्यवहार को रोकने के सम्बन्ध में कनाडा और अमेरिका की तरह की उपरोक्त व्यवस्था की जा सकती है।

बुज़ुर्ग माता-पिता के साथ बुरे व्यवहार को रोकने के सम्बन्ध में सुझाव:

1. उत्तरप्रदेश में भी बुजुर्गो से दुर्व्यवहार (Elder Abuse) को गैर-जमानती अपराध बनाया जाए।

2. सीसीटीवी (CCTV), डिजिटल साक्ष्य को त्वरित न्याय का आधार बनाया जाए।

3. पीड़ित/पीड़िता के लिए संरक्षण आदेश (Protection Order) एवं आरोपी से संपर्क/निकटता पर प्रतिबंध।

4. पीड़िता को सुरक्षित आवास, चिकित्सा व मानसिक परामर्श।

5. राज्य स्तर पर Elder Abuse Standard Operating Procedures (SOP) व हेल्पलाइन/निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करना।

6. दोबारा उत्पीड़न रोकने हेतु Long-Term Safety Plan

7. पुलिस को बुजुर्गों के लिए संवेदनशील हॉटस्पॉट्स की पहचान कर नियमित गश्त /नियमित निरीक्षण करना।

8. स्वास्थ्य मूल्यांकन करना।

9. बुज़ुर्गों के लिए राज्य-स्तरीय संरक्षण गृह बढ़ाए जाएं।

10. ऐसे मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट अनिवार्य हो।

आशा है कि जनहित में इस विषय पर आप आवश्यक दिशा-निर्देश देने की कृपा करेंगे।

Taja Report
Author: Taja Report

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *