मुजफ्फरनगर। फोन पर शुरू हुआ इश्क अवैध संबंधो तक पहुंचा और आशिक ने ही महिला की हत्या कर दी। खतौली पुलिस, एसओजी एवं सर्विलांस की संयुक्त टीम द्वारा मात्र 30 घण्टे के अन्दर महिला की हत्या के अभियोग सफल अनावरण कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। घटना में प्रयुक्त 01 बेडशीट, 01 रेहड़ा व अन्य सामान बरामद किया गया है।
14 जनवरी को थाना खतौली पुलिस को गंगनहर के किनारे एक अज्ञात महिला का शव पड़ा होने की सूचना प्राप्त हुई थी। मृतका की पहचान ममता पत्नी कृष्णपाल उर्फ कालिया निवासी मौहल्ला तगान होली चौक थाना खतौली, मुजफ्फरनगर के रूप में हुई । घटना के सम्बन्ध में मृतका के पति श्री कृष्णपाल उर्फ कालिया द्वारादी गयी तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0 17/2025 धारा 103(1)/238 बीएनएस पंजीकृत किया गया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर श्री संजय कुमार वर्मा द्वारा पुलिस अधिकारीगण के साथ घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया था तथा घटना के शीघ्र एवं सफल अनावरण हेतु थाना खतौली पुलिस, एसओजी एवं सर्विलांस की संयुक्त पुलिस टीमों का गठन किया गया था। उक्त घटना कारित करने वाला अभियुक्त गंग नहर पटरी दूध प्लांट वाले रास्ते पर कहीं जाने की फिराक में खड़ा है। इस सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी करते हुए 01 अभियुक्त संदीप नामदेव पुत्र वेदप्रकाश को गंग नहर पटरी दूध प्लांट वाले रास्ते से गिरफ्तार कर उक्त सनसनीखेज घटना का मात्र 30 घण्टे के अन्दर सफल अनावरण किया गया है।
*गिरफ्तार अभियुक्त का नाम/पता-*
*1.* संदीप नामदेव पुत्र वेदप्रकाश निवासी हौली चौक पक्का बाग थाना खतौली मुजफ्फरनगर ।
*बरामदगी का विवरण-*
✅ घटना में प्रयुक्त 01 बैडशीट, 01 रेहड़ा।
✅ मृतका का 01 हैंडबेग जिसमें पहचान पत्र व अन्य सामान।
✅ 01 नशीली टेबलेट(प्लासिडा)
प्रारम्भिक पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभियुक्त संदीप उपरोक्त ने बताया कि वर्ष 2012 में मेरी पत्नी की मृत्यु होने के बाद मैं वर्मा टिफिन सेन्टर खतौली के यहां से टिफिन लेकर खाना खाता था, जिस कारण मैं वर्मा टिफिन सेन्टर वालो के यहां पर जाता रहता था। ममता वहां पर खाना बनाती थी । एक दिन मैने ममता से मेरे घर पर आकर खाना बनाने के लिए कहकर उसका मो0नं0 ले लिया था। इसी बहाने से मैं कभी कभार ममता से फोन पर बात कर लिया करता था। एक दिन ममता ने मेरे घर आकर बताया मेरा, मेरे पति से विवाद रहता है, मै चोरी छिपे आकर तुम्हारा खाना बना दिया करुंगी लेकिन इसके बारे में मेरे पति को नही बताना। इस पर मै तैयार हो गया, ममता मेरे घर आकर खाना बनाने लगी, इसी बीच हम दोनो के बीच शारीरिक संबंध भी बन गए, जिसकी ऐवजी मे ममता मुझसे कई बार पैसे भी लेकर गयी थी । इसके बाद मुझे जानकारी हुई की ममता और लोगो से भी फोन पर बात करती है। मेरे पूछने पर उसने कोई जवाब नहीं दिया। इसी कारण से हमारा झगड़ा हो गया । मैनें अपना एक प्लाट 16 लाख रुपयों में बेचा था जिसके बारे में मैने ममता को बताया था। दिनांक 10.01.2026 को ममता ने मुझसे कहा कि उसे नाती के नामकरण हेतु 05 हजार रुपयों की आवश्यकता है। मुझे लगा की यह ममता मुझे धोखा दे रही है तथा मुझसे पैसे ऐठना चाहती है। इसी कारण से मैने ममता को खत्म करने का प्लान बनाया । शाम के समय जब मेरी ममता से दोबारा बात हुई तो मैने उसे घर आकर पैसे ले जाने के लिए कहा। जैसे ही वो मेरे घर आयी तो मेरे घर पर मेरे अलावा कोई नही था, मैने चाय बनाई तथा ममता की चाय में नींद की गोली मिला दी। जब मुझे लगा की वह पूर्ण रुप से नशे मे हो गयी है तो मैने उसके सीने पर चढकर उसके दोनो हाथों को अपने पैरो से दबाकर अपने दोनो हाथो से उसका मुँह व नाक जब तक दबाये रखे जब तक की उसने झटपटाना बंद नही कर दिया, फिर भी मुझे लगा कि हो सकता है वो ना मरी हो इसलिए मैने घर मे रखे सैलो टेप से उसके पूरे चेहरे के चारो तरफ लपेटकर उसका नाक व मुँह को बन्द दिया। थोडी देर मे ममता के हाथ पैर ठंडे पड गये । जब मुझे पूर्ण विश्वास हो गया की ममता की मृत्यु हो गयी है तो मैने ममता के शव को मेरे घर के सामने खाली पड़े प्लॉट में खड़े रेहड़े में डालकर बेडशीट से ढककर नहर में डालने के लिए ले गया। परन्तु शव भारी होने के कारण मैं शव को नहर में नहीं फेंक सका तथा शव नहर पटरी पर बनी दिवार व रेलिंग के बीच में फंस गया । इसी बीच नहर पटरी पर गाड़ी आ गयी तो मैं शव को वहीं छोड़कर रेहड़ा लेकर आ गया था, मैनें ममता का पर्स अलकनन्दा नहर पुल से सठेडी नहर पुल की तरफ थोडा आगे फेंक दिया तथा ममता के मोबाइल को फेंकने से पहले मेरे व ममता के परिचित नितिन जैन के फोन पर ममता के फोन से फोन मिलाया और करीब 30-35 सैकेण्ड हैलो-हैलो करता रहा जिससे ये शक हो कि ममता ने आखिरी बार नितिन जैन से बात की है, इसके बाद मैने उसका मोबाइल तोडकर थोडा और आगे जाकर नहर मे फेंक दिया।


