भारत में विवाहेतर संबंधों व लिव-इन रिलेशनशिप जैसी सामाजिक बुराइयों को रोकने के लिए कठोर केन्द्रीय कानून बनना चाहिए-अशोक बालियान,चेयरमैन,पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन
पीजेंट के चेयरमैन अशोक बालियान ने भारत के गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखते हुए कहा है कि भारत में विवाह संस्था सामाजिक स्थिरता और पारिवारिक व्यवस्था की आधारशिला रही है। किन्तु हाल के वर्षों में विवाहेतर संबंधों के कारण पारिवारिक विघटन, मानसिक तनाव तथा गंभीर आपराधिक घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है। पूर्व में व्यभिचार संबंधी प्रावधान को भारत का सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अपराध की श्रेणी से बाहर किए जाने के बाद इस विषय पर नई कानूनी एवं सामाजिक चुनौतियाँ सामने आई हैं। भारत में लिव-इन रिलेशनशिप (बिना शादी साथ रहना) को भी अपराध नहीं माना गया है।
समाचार माध्यमों में लगभग प्रतिदिन ऐसे प्रकरण सामने आते हैं, जिनमें पति-पत्नी, प्रेमी-प्रेमिका या पारिवारिक सदस्यों के बीच गंभीर अपराध घटित हो रहे हैं। इससे न केवल परिवार टूट रहे हैं, बल्कि बच्चों का भविष्य, सामाजिक ताना-बाना तथा कानून-व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि निम्न बिंदुओं पर गंभीर विचार किया जाए—
1. भारत में विवाह के बाहर यौन संबंध (Adultery) और लिव-इन रिलेशनशिप (Cohabitation) को अपराध घोषित करने पर विचार किया जाये जैसे इंडोनेशिया की संसद ने दिसंबर 2022 में एक नई आपराधिक संहिता (Criminal Code) पारित की है, जो विवाह के बाहर यौन संबंध (Adultery) और लिव-इन रिलेशनशिप (Cohabitation) को अपराध बनाती है।
2. विवाह संस्था की सुरक्षा व पारिवारिक स्थिरता को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त केन्द्रीय कानूनी ढांचे की संभावना का अध्ययन।
3. विवाहेतर संबंधों से जुड़े विवादों में काउंसलिंग, मध्यस्थता एवं पारिवारिक न्याय तंत्र को मजबूत करने की राष्ट्रीय नीति।
4. इस विषय पर आपराधिक घटनाओं का राष्ट्रीय स्तर पर अध्ययन कर नीति सुझाव देने हेतु विशेषज्ञ समिति का गठन।
5. पारिवारिक मूल्यों, वैवाहिक जिम्मेदारी और सामाजिक संतुलन पर जनजागरूकता अभियान।
6. घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न व पारिवारिक अपराधों की रोकथाम हेतु विशेष कानूनी उपाय।
मुझे विश्वास है कि केन्द्र सरकार इस संवेदनशील विषय पर व्यापक विमर्श कर समाजहित में संतुलित एवं दूरदर्शी कदम उठाकर कानून बनाने का कार्य करेगी, जिससे पारिवारिक संस्था मजबूत होगी और समाज में स्थिरता बनी रहेगी।


