लखनऊ । प्रधानमंत्री का शपथ ग्रहण होते ही यू पी में कुछ अधिकारियों के तबादले होने वाले हैं।
लोकसभा चुनाव की तो खुली किताब सबके सामने रखी हुई है।यू पी में भारतीय जनता पार्टी को बहुमत नहीं मिला यहां तक कि अयोध्या की सीट बुरी तरह प्रभावित हुआ। यू पी में भारतीय जनता पार्टी को नुक़सान हुआ इसके पीछे का कारण क्या था इस बात पर मीडिया से लेकर राजनीतिक विश्लेषक खोजबीन करने में जुटा हुआ है।भारतीय जनता पार्टी का नारा सबका साथ सबका विकास सबका विस्वास फेल क्यों हुआ। वो बुलडोजर की गरज थी य फिर पुरानी पेंशन बहाली को लेकर अधिकारी कर्मचारी भी नाराज़ थे और अंदर अंदर वो अपना काम कर दिए य फिर खटा खट एक लाख रुपए वाला राहुल गांधी का दावा था।
योगी जी जिस तरीके से अपराध भ्रष्टाचार करने वाले को तत्काल सजा दिलवाने में अहम भूमिका निभाते हैं तो वहीं उत्तर प्रदेश में अपराध भ्रष्टाचार पर अंकुश पुर्ण तरीके से न लग जाए वजह ये थी। जो भी हो एक्स्पर्ट वो भी निकल कर सामने रख देंगे। सूत्रों से ख़बर मिल रही है कि यू पी के चुनाव में कहीं न कहीं अधिकारी कर्मचारी भी खेला खेल रहे थे यदि ऐशा पाया गया तो तमाम लोग पर योगी की तिरछी नजर पड़ेगी और उन पर गाज गिरने की संभावना है। सूत्र ये भी बताते हैं कि यदि सामान्य जनता को लालच न दिया गया होता गुमराह न किया गया होता उनके दिमाग को डायवर्ट न किया गया होता तो एन डी ए के खाते में तीन सौ अस्सी से लेकर तीन सौ 95 सीट आती और तीसरी बार पुर्ण बहुमत से मोदी सरकार बनाने में सफल हो जाते।

