मुजफ्फरनगर। खतौली के वरिष्ठ उद्यमी रहे चीतल ग्रैंड के निदेशक शारिक राणा का आकस्मिक निधन हो गया है।
वेस्ट यूपी में हाईवे रिसार्ट परंपरा के जनक शारिक राणा के निधन पर तमाम लोगों ने शोक जताया है। खतौली कस्बे की राजनीति के पुरोधा, प्रमुख समाजसेवी, गरीबों के हमदर्द चीतल ग्रांड के एमडी पठान शारिक राना का 71 वर्ष की उम्र में रविवार रात सवा आठ बजे एस्कॉर्ट हॉस्पिटल दिल्ली में इंतिक़ाल हो गया है। लगभग पांच दशक पूर्व वन विभाग द्वारा संचालित चीतल पार्क में अपने पिता निसार राना और बड़े भाई उरूज़ राना व छोटे भाई बाबा राना के साथ मिलकर छोटा सा रेस्टोरेंट चलाने वाले पठान शारिक राना ने होटल व्यवसाय में उन्नति के शिखर को छुआ। शारिक राना द्वारा संचालित चीतल ग्रांड ने कस्बा खतौली को देश विदेश में ख्याति दिलाई। दिल्ली देहरादून के बीच सफर करने वाले आम आदमी से लेकर छोटे बड़े राजनेताओं और फिल्मी हस्तियों के लिए चीतल ग्रांड पर रुकना पहली पसंद रही। दिल की बीमारी के अलावा पठान शारिक राना को बीते एक साल में कई गंभीर बीमारियों ने घेर लिया था। बताया गया कि कई दिनों से एस्कॉर्ट हॉस्पिटल दिल्ली में भर्ती पठान शारिक राना ने गुर्दे फैल हो जाने के चलते रात सवा आठ बजे आखरी सांस ली। देर रात परिजन पठान शारिक राना की मैय्यत को लेकर सरकारी अस्पताल खतौली के सामने स्थित राना हाउस पर लेकर पहुंचेंगे। सोमवार दस बजे पठान शारिक राना को इनके गांव फुलत स्थित पैतृक कब्रिस्तान में सुपुर्दे ख़ाक़ किया जायेगा।


