मुजफ्फरनगर। आरटीआई कार्यकर्ता समाजसेवी सुमित मलिक ने मुख्यमंत्री के नाम मंत्री कपिल देव को ज्ञापन देकर सिचाँई विभाग खण्ड गंगानहर द्वारा सडक मे भष्टाचार होने के उपरान्त कानूनी कार्यवाही करने का आरोप लगाया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि जनपद मु०नगर में सिंचाई विभाग खण्ड गंगा नहर द्वारा सड़के बनाई गई। जो 5 दिन मे ही उखड गई। जिसकी शिकायत मा० सोमेन्द तोमर प्रभारीमंत्री मु०नगर को दिनाँक13.12.2025 की गई।जांच मे सडक मे अनिमिता पाई गई।सडक पर तारकोल भी नहीं डाला गया। जॉच होने के बाद भी सिचाँई विभाग पर काई भी कार्यवाही नही हुई है।
सिंचॉई विभाग के एक्सईएन की मिलीभगत से एसडीओ और जेई ने मिलकर सडक खराब बनाई । जाँच में सडक की गुणवक्ता खराब मिली। इन तीनों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत होना चाहिए तथा विभागीय जांच भी होनी चाहिए। तथा सड़क दोबारा बनवाने का कष्ट करें ताकि किसान अपने खेतों से शुगर मिल तक गन्ना ले जा सके। जेई उधम सिंह पिछले 12 सालो से मु०नगर सिचॉई विभाग में नोकरी कर रहा है। किसके संरक्षण से एक जिले मे किस नियम के तहत नौकरी कर रहा है। जाँच होकर विभागीय कार्यवाही करें।
जिन कंपनी ठेकेदारों के द्वारा सड़क का निर्माण किया गया है उन सभी कंपनी को ब्लैकलीस्ट किया जाए । तथा कानूनी प्रक्रिया भी की जाए। वर्ष 2025- 26 मे सिचाँई विभाग खण्ड गंगा नहर द्वारा 35टेंडर सड़कों के निकाले जो सभी टेंडर कमीशन के चकर मे कम रेट पर टेंडर निकाले। ताकि अपना निजी लाभ हो सके।इन सभी टेंडरो की जाँच होनी चाहिऐ । मुख्यमंत्री जी के निर्देश है भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारी कर्मचारी बक्शा नहीं जाएंगे। मांग की गई है कि इन सभी बिन्दुओ पर गंभीरता से जांच करके कानूनी कार्यवाही करने तथा दोषी अधिकारी कर्मचारी सिंचाई विभाग के विरुद्ध कार्यवाही करें।


