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श्री राम कॉलेज ऑफ लॉ में विधिक साक्षरता शिविर संपन्न ता शिविर

मुजफ्फरनगर। श्री राम कॉलेज ऑफ लॉ में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुजफ्फरनगर व श्री राम कॉलेज ऑफ लॉ के संयुक्त तत्वाधान में एक विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिसका विषय, ‘‘विधि व्यवसाय में नैतिक मूल्य’’ (Ethical Values in Legal Profession)’’ रहा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीता राम ऐ0डी0जे0, मुजफ्फरनगर व सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुजफ्फरनगर उपस्थित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ रविन्द्र प्रताप सिंह, रिसर्च निदेशक-श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज द्वारा की गयी। सेमिनार का शुभारम्भ अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्जवलित करके किया गया। महाविद्यालय की ओर से अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट करके किया गया।

कार्यक्रम का आरम्भ करते हुए महाविद्यालय की प्रवक्ता आंचल अग्रवाल ने कहा कि कानूनी व्यवसाय में नैतिक मूल्य ही अच्छे अधिवक्ता की पहचान है, यदि अधिवक्ता ईमानदारी, सच्चाई तथा निष्ठा से कार्य करे तो समाज में न्यायिक व्यवस्था पर विश्वास बढ़ता हैै। एक अधिवक्ता केवल, मुवक्किल का प्रतिनिधी ही नहीं बल्कि न्याय का रक्षक भी है।

इसके उपरान्त प्रवक्ता मिनी सिंघल ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कानूनी व्यवसाय केवल तर्को का खेल नही बल्कि न्याय और सत्य की रक्षा का माध्यम है। नैतिक मूल्यों का पालन करते ही हम समाज का विश्वास जीत सकते है। विधि के छात्र/छात्राओं द्वारा सम्बन्धित विषय पर विचार व्यक्त किये। जिनमें मुख्य है, खुशी गहलोत, बीए-एलएलबी द्वितीय वर्ष, मेघा शर्मा, बीकॉम-एलएलबी चतुर्थ वर्ष, देवनिधी, बीए-एलएलबी प्रथम वर्ष, जुनेरा, एलएलबी प्रथम वर्ष, मौ0 आरिश, बीए-एलएलबी प्रथम वर्ष, शैवी, बीए-एलएलबी तृतीय वर्ष, वर्षा, बीकॉम-एलएलबी तृतीय वर्ष, वंश वर्धन, अमन नईम बीए-एलएलबी चतुर्थ वर्ष।

इन सभी विद्यार्थियों के द्वारा विचार व्यक्त करते हुए कहा गया कि नैतिक मूल्य ही वह नींव है जिस पर पूरा न्यायतंत्र खड़ा है। अधिवक्ता का वह कर्तव्य है कि वह सत्य गोपनीयता विश्वसनीयता व निक्षपक्षता को हर परिस्थिति में बनाये रखे। नैतिक मूल्य ही अधिवक्त का आदर्श अधिवक्ता बनाते है।

डॉ रविन्द्र प्रताप सिंह, रिसर्च निदेशक ने कहा कि अधिवक्ता का कर्त्तव्य केवल केस जीतना ही नहीं बल्कि सत्य को सामने लाना भी है, जब अधिवक्ता, सत्यनिष्ठा से अपने कर्त्तव्य का पालन करता है तब वह न्यायपालिका की गरिमा को ऊँचा उठाता है। इसलिए विद्यार्थियों को अपने शुरूआती दिनों से ही नैतिक मूल्यों को अपने जीवन समाहित करना चाहिए।

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Author: Taja Report

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