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वंदे मातरम को लेकर विधानसभा में गरजे मुजफ्फरनगर सदर विधायक और मंत्री कपिल देव अग्रवाल 

मुजफ्फरनगर। सोमवार को विधानसभा सत्र के दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय महत्व पर अत्यंत भावपूर्ण और विचारोत्तेजक वक्तव्य प्रस्तुत किया। उन्होंने ‘वंदे मातरम’ की ऐतिहासिक उत्पत्ति, स्वतंत्रता संग्राम में उसकी प्रेरणादायी भूमिका तथा राष्ट्र की आत्मा के रूप में उसके अद्वितीय महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

मंत्री अग्रवाल ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता चेतना का आधार रहा है। यह वही राष्ट्रगीत है जिसने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान असंख्य क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता सेनानियों और देशभक्तों के हृदय में राष्ट्रप्रेम की ज्वाला प्रज्वलित की। यह गीत हमारे वीर सपूतों के त्याग, संघर्ष और बलिदान का अमिट प्रतीक है, जिसने देश को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने आगे कहा कि ‘वंदे मातरम’ आज भी देशवासियों के मन में राष्ट्रप्रेम, एकता, अखंडता और सांस्कृतिक गौरव की भावना को सुदृढ़ करता है। यह गीत भारत माता के प्रति कर्तव्य, सममान और समर्पण की भावना का जीवंत स्वरूप है, जो हमें हमारी गौरवशाली विरासत और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ता है।

 

मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में भी ‘वंदे मातरम’ की प्रासंगिकता उतनी ही महत्वपूर्ण है। यह हमें संवैधानिक मूल्यों, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि युवा पीढ़ी को राष्ट्रगीतों और राष्ट्रीय प्रतीकों के महत्व से अवगत कराना समय की आवश्यकता है। अपने वक्तव्य के अंत में मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि विधानसभा जैसे सर्वाेच्च लोकतांत्रिक मंच पर ‘वंदे मातरम’ जैसे पावन राष्ट्रगीत के महत्व पर विचार व्यक्त करना उनके लिए गौरव और उत्तरदायित्व दोनों का विषय है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से आह्वान किया कि वे राष्ट्रहित, एकता और संविधानिक मूल्यों के प्रति सदैव प्रतिबद्ध रहें।

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Author: Taja Report

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