मुजफ्फरनगर। प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री एवं मुजफ्फरनगर सदर विधायक कपिल देव अग्रवाल ने आज जाट कॉलोनी स्थित राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) यूपी 82 बटालियन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एनसीसी अधिकारियों से मुलाकात कर कक्षा 8वीं से 12वीं तथा स्नातक (ग्रेजुएट) स्तर तक पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को मिलने वाले एनसीसी सर्टिफिकेट (A, B और C), उनकी ड्यूरेशन अवधि, प्रशिक्षण प्रक्रिया और भविष्य में मिलने वाले लाभों की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान एनसीसी अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि जीआईसी मैदान में हॉस्टल में एनसीसी अधिकारियों के लिए कुछ स्थान आवंटित हैं, लेकिन वहां शौचालय और मूलभूत सुविधाओं की गंभीर समस्या है। इस पर मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि “एनसीसी देश की रीढ़ है। एनसीसी स्टाफ या कैडेट्स की सुविधा से जुड़ा कोई भी कार्य हो, उसका प्रस्ताव और शिकायती पत्र दीजिए, सरकार हर संभव सहयोग करेगी।”
बताते चले राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत संचालित एक स्वैच्छिक युवा संगठन है, जिसकी स्थापना 1948 में हुई थी। एनसीसी स्कूल और कॉलेज स्तर के छात्रों को अनुशासन, नेतृत्व, देशभक्ति, सेवा भावना से जोड़ने का काम करती है। एनसीसी का आदर्श वाक्य है “एकता और अनुशासन”
एनसीसी दुनिया का सबसे बड़ा वर्दीधारी युवा संगठन है, भारत भर में 15 से 17 लाख से अधिक कैडेट्स सक्रिय है। ये थल सेना, नौसेना और वायु सेना तीनों विंग्स से जुड़ा संगठन है। हर जिले में एनसीसी बटालियन या यूनिट मौजूद होती है।एनसीसी में 8वीं से 12वीं कक्षा के छात्र-छात्राएं, कॉलेज / यूनिवर्सिटी के स्नातक विद्यार्थी, लड़के और लड़कियां दोनों के लिए समान अवसर होते है। कैडेट प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाले एनसीसी सर्टिफिकेट का बहुत महत्व होता है। तीन सर्टिफिकेट दिए जाते है जिनमें सर्टिफिकेट ए, स्कूल स्तर (2 वर्ष) सर्टिफिकेट बी कॉलेज स्तर पे मिलता है। वहीं सर्टिफिकेट सी सर्वोच्च प्रमाणपत्र माना जाता है। इन सर्टिफिकेट के बहुत फायदे है
सेना, अर्धसैनिक बल, पुलिस और प्रशासनिक सेवाओं में सीधी प्राथमिकता मिलती है। कई राज्यों में सरकारी नौकरियों में अतिरिक्त अंक / छूट मिलती है।एसएसबी इंटरव्यू और डिफेंस एंट्री में बड़ा लाभ होता है। एनसीसी प्रशिक्षण से व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व क्षमता बढ़ती है।
कार्यालय में मौजूद एनसीसी से जुड़े अधिकारियों ने मंत्री कपिल देव अग्रवाल को बताया कि एनसीसी का मूल उद्देश्य युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाना। अचानक किसी संकट के समय आपदा प्रबंधन, राहत कार्य, स्वच्छता अभियान सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और अनुशासन को बढ़ावा और सबसे जरूरी आवश्यकता पड़ने पर देश के लिए दूसरी रक्षा पंक्ति तैयार रखना है।
आज जब युवा पीढ़ी मोबाइल और नशे की गिरफ्त में फंसती जा रही है, ऐसे समय में एनसीसी जैसी संस्था उन्हें सही दिशा, चरित्र और राष्ट्रभावना देती है। मुजफ्फरनगर में एनसीसी स्टाफ के हॉस्टल, प्रशिक्षण मैदान और मूलभूत सुविधाओं का सुदृढ़ होना, न सिर्फ कैडेट्स के लिए बल्कि देश के भविष्य के लिए निवेश है।
राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल द्वारा एनसीसी की समस्याओं को गंभीरता से लेना एक सकारात्मक और सराहनीय पहल है।


