Taja Report

यूजीसी कानून स्वर्ण जाति के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ : संजय मिश्रा

मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए यूजीसी एक्ट के विरोध में सवर्ण समाज अब सार्वजनिक रूप से सड़कों पर उतर आया है। इसे हिंदू समाज को विभाजित करने की साजिश बताते हुए सवर्ण समाज संघर्ष समिति (एस-4) के नेतृत्व में बुधवार को सैकड़ों लोग प्रदर्शन में शामिल हुए और इस कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की।

सवर्ण समाज के विभिन्न संगठन और संस्थाएं इस कानून के खिलाफ खुलकर सामने आई हैं। बुधवार को एस-4 समिति के बैनर तले जुलूस के रूप में प्रदर्शनकारियों ने शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट तक मार्च किया। वहां उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताया और महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शन में वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी एक्ट उच्च शिक्षा में योग्यता आधारित व्यवस्था को कमजोर कर रहा है और इसका सीधा असर मेधावी छात्रों के भविष्य पर पड़ रहा है। इसके अलावा, इससे समाज में नए प्रकार के भेदभाव को बढ़ावा मिल रहा है।

एस-4 समिति के ज्ञापन में कहा गया कि यूजीसी द्वारा हाल ही में प्रस्तावित या लागू नियम देश के उच्च शिक्षा तंत्र, सामाजिक संतुलन और समान अवसर के संवैधानिक सिद्धांतों के खिलाफ प्रतीत होते हैं। इससे छात्रों, शिक्षकों और समाज के एक बड़े वर्ग में गहरा असंतोष पैदा हुआ है।

सवर्ण समाज के संजय मिश्रा ने बताया कि यह कानून सवर्ण जाति के बच्चों के भविष्य को प्रभावित कर रहा है और विश्वविद्यालयों में जातिगत भेदभाव को बढ़ावा दे रहा है।

इस विरोध प्रदर्शन से स्पष्ट हो गया कि सवर्ण समाज इस कानून के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने के लिए संगठित और सतत प्रयास कर रहा है।

 

 

Taja Report
Author: Taja Report

Advertisements
Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *