मुरादाबाद ।कैराना की सपा सांसद इकरा हसन पर अभद्र टिप्पणी कर चर्चा में आए करणी सेना के उपाध्यक्ष ठाकुर योगेंद्र सिंह राणा को मुरादाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि यह गिरफ्तारी इकरा हसन वाले मामले में नहीं, बल्कि गुरुवार रात पेट्रोल पंप पर किए गए उत्पात, पुलिस से मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में की गई है। बताया जाता है कि राणा रात में अपने 7-8 साथियों के साथ दिल्ली रोड स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप पर हंगामा कर रहा था।जब यहां झगड़े की सूचना पर पुलिस की पीआरवी टीम मौके पर पहुंची, तो शराब के नशे में चूर राणा ने उनसे भी बदसलूकी शुरू कर दी। देखते ही देखते उसने पीआरवी पर तैनात पुलिसकर्मियों से हाथापाई शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ती देख अन्य पुलिसकर्मियों को मौके पर भेजा गया, लेकिन राणा और उसके साथी लगातार आक्रामक रुख अपनाते रहे।लाइनपार चौकी इंचार्ज शिव कुमार वशिष्ठ जब अपनी टीम के साथ पहुंचे, तो राणा ने उन पर भी हमला बोल दिया। हद तो तब हो गई, जब उसने चौकी इंचार्ज की पिस्टल छीनने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों पर इस तरह का हमला मामले को बेहद गंभीर बना गया। इसके बाद अतिरिक्त फोर्स बुलाया गया, लेकिन स्थिति गर्म देखते हुए राणा अपने साथियों के साथ मौके से फरार हो गया।पुलिस ने मौके पर मौजूद दो लोगों योगेंद्र कुमार राणा पुत्र पृथ्वी सिंह निवासी पीतल नगरी समरधाम और अंश शर्मा पुत्र क्रांति प्रसाद निवासी बरवलान कटघर को हिरासत में ले लिया। दोनों को थाने ले जाया गया, जबकि मुख्य आरोपी योगेंद्र राणा भाग निकला। बाद में पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।19 जुलाई को राणा ने एक वीडियो जारी कर सपा सांसद इकरा हसन के बारे में अभद्र और निजी टिप्पणी की थी। वीडियो में उसने कहा था कि इकरा हसन अविवाहित हैं और वह भी उनसे कम खूबसूरत नहीं है। उसने दावा किया कि उसके पास घर, मकान, जमीन-जायदाद सब कुछ है और वह इकरा से निकाह करना चाहता है। इतना ही नहीं, उसने कहा था कि ओवैसी बंधु उसे ‘जीजा’ कहकर बुलाएँगे। वीडियो में उसने तीन बार ‘निकाह कबूल है’ का नारा लगाकर बयान को और उकसावे वाला बना दिया था।योगेंद्र राणा खुद को करणी सेना का उपाध्यक्ष बताता है और मुरादाबाद की कुंदरकी सीट से भाजपा विधायक ठाकुर रामवीर सिंह का करीबी माना जाता है। जमीन कब्जा मामलों में भी उसका नाम कई बार सामने आ चुका है। विवादित बयानों को लेकर कई एफआईआर दर्ज हुईं, लेकिन उसकी गिरफ्तारी पहले कभी नहीं हुई। पेट्रोल पंप पर गुंडई और पुलिसकर्मियों पर हमले के बाद आखिरकार उस पर कार्रवाई हो ही गई।


