मुज़फ्फरनगर। शिक्षा के बदलते परिदृश्य और तकनीकी नवाचारों पर केंद्रित आकलन एजुकेटर्स ग्रोथ समिट 2025 का सफल आयोजन स्वर्ण इन होटल, मुज़फ्फरनगर में किया गया। यह समिट विशेष रूप से स्कूल संचालकों और शिक्षाविदों के लिए एक प्रभावी मंच के रूप में आयोजित हुई, जहां शिक्षा के अगले युग को समझने, खोजने और परिकल्पित करने पर गहन, व्यावहारिक और दूरदर्शी विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम में मुज़फ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों से अनेक प्रतिष्ठित शिक्षाविद, स्कूल संचालक और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया। समिट की मेज़बानी आकलन संस्था द्वारा की गई, जिसका नेतृत्व फाउंडर संजीव कुमार, कॉ-फाउंडर डॉ. गुंजना एस. झाझरिया तथा टीम सदस्य नेहा, अनुश्री और प्रभलीन ने किया।
कार्यक्रम में अतिथि के रूप में होली चाइल्ड पब्लिक स्कूल से जुड़े प्रवेन्द्र दहिया, नीरज बालियान,आर्य इंटरनेशनल स्कूल सुधोष आर्य, अनिल शास्त्री, महेश पाल सिंह, कुलदीप सिवाच, सुधीर शर्मा, डॉ. रणवीर सिंह, अनुराग सिंगल, संदीप मलिक सहित लगभग 35 शिक्षाविद उपस्थित रहे। वक्ताओं ने आकलन से जुड़ने के अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार आकलन की सुव्यवस्थित प्रणाली, व्यावहारिक तकनीकी समाधान और निरंतर सहयोग से उनके विद्यालयों की तकनीकी शिक्षण व्यवस्था अधिक सहज, प्रभावी और भविष्य-केंद्रित बनी है।
समिट में बुढ़ाना के तहसीलदार महेंद्र सिंह यादव की गरिमामयी उपस्थिति भी रही। अपने संबोधन में संजीव कुमार ने तकनीकी शिक्षा से जुड़े कई प्रचलित मिथकों को दूर करते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा केवल उपकरण या लैब तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में मजबूत लॉजिक, बेहतर कोडिंग क्षमता और समस्या-समाधान कौशल विकसित करना है।
डॉ. गुंजना एस. झाझरिया ने कहा कि आकलन स्कूलों के साथ साझेदारी कर ऐसी शिक्षण प्रणालियां विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो भविष्य की चुनौतियों से निपटने में स्कूल संचालकों के लिए सशक्त माध्यम बनें। कार्यक्रम का समापन सकारात्मक संवाद, अनुभवों के आदान-प्रदान और शिक्षा के उज्ज्वल भविष्य के साझा संकल्प के साथ हुआ।


