*16 करोड़ की लागत से 224 परिवारों के सपनों को मिला अपना घर, मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने सौंपी पीएम आवास की चाबियां*
मुजफ्फरनगर । नगर के 224 पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में शनिवार का दिन नई उम्मीद और आत्मसम्मान की रोशनी लेकर आया। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित आवासों की चाबियां लाभार्थियों को सौंपते हुए उनके अपने घर के सपने को साकार किया। जैसे ही लाभार्थियों को चाबी मिली, उनके चेहरों पर संतोष, सुरक्षा और नए जीवन की शुरुआत की चमक स्पष्ट दिखाई दी।
भोपा बाईपास स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना परियोजना के अंतर्गत लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से 224 पक्के एवं सुव्यवस्थित आवासों का निर्माण कराया गया है। इन आवासों का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं बेघर परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी आवास उपलब्ध कराना है। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण (एमडीए) परिसर में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लाभार्थी परिवार, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर नगर विधायक एवं राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह केवल चाबी वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि 224 परिवारों के जीवन में नई शुरुआत का उत्सव है। उन्होंने बताया कि परियोजना की आधारशिला से लेकर निर्माण की प्रत्येक प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराए जा सकें। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का संकल्प है कि प्रत्येक पात्र परिवार को सुरक्षित छत मिले और कोई भी जरूरतमंद आवास से वंचित न रहे। मंत्री ने लाभार्थियों को मिठाई खिलाकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
एमडीए पहुंचने पर उपाध्यक्ष कविता मीणा एवं सचिव कुंवर बहादुर सिंह ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम में भाजपा नेता कुश पुरी, शरद शर्मा, एमडीए बोर्ड सदस्य गजे सिंह सहित प्राधिकरण के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे। समारोह में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने कार्यक्रम को उत्साहपूर्ण और भावनात्मक बना दिया।
चाबी प्राप्त करते ही कई लाभार्थियों की आंखें नम हो उठीं। एक महिला ने कहा कि वर्षों से पक्के घर का जो सपना संजोए हुए थे, वह आज साकार हो गया। अब उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा और परिवार को स्थायित्व मिलेगा। यह आयोजन सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन और गरीब कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया।


