मुजफ्फरनगर के जडौदा स्थित होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज के सभागार में सत्र 2025-26 की बोर्ड परीक्षाओं में सम्मिलित होने जा रहे विद्यार्थियों के लिए भव्य आशीर्वाद समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसे प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया, अंकुर बंसल, अनिल शास्त्री, आदित्य दहिया, जितेन्द्र कुमार, धीरज बालियान, रीना चौहान और रजनी शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। समारोह का उद्देश्य विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाना, उन्हें परीक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण देना और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित करना रहा।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य प्रवेन्द्र दहिया ने विद्यार्थियों को विद्यालय की शान बताते हुए कहा कि विद्यार्थी ही किसी भी शिक्षण संस्था की सबसे बड़ी उपलब्धि होते हैं। उन्होंने ईश्वर से विद्यार्थियों के लिए सद्बुद्धि, परिश्रम और सफलता की कामना की तथा कहा कि परीक्षा में सफलता के लिए नियमित अभ्यास और अनुशासन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे प्रश्नों को लिख-लिखकर अभ्यास करें और परीक्षा से पूर्व पूरे आत्मविश्वास के साथ तैयारी करें, ताकि परीक्षा के समय किसी भी प्रकार का तनाव न रहे।इस अवसर पर गीतकार कुशल द्वारा प्रस्तुत प्रेरणादायक गीत ने कार्यक्रम में विशेष ऊर्जा का संचार किया। उनके गीतों ने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया, जिसे उपस्थित छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सराहा।परीक्षा से जुड़े व्यावहारिक सुझाव देते हुए वक्ताओं ने विद्यार्थियों को बताया कि प्रश्नपत्र मिलने के बाद उसे ध्यानपूर्वक पढ़ना चाहिए और प्रश्नों को क्रमागत रूप से हल करना चाहिए। जो प्रश्न अच्छे से आते हों, उन्हें पहले हल करने की सलाह दी गई। साथ ही यह भी कहा गया कि जो प्रश्न तुरंत समझ में न आएं, उन्हें छोड़कर बाद में हल करें, लेकिन किसी भी प्रश्न को अधूरा न छोड़ें। उत्तर पुस्तिका में साफ-सुथरी लिखावट, हाशिया बनाकर लिखना और प्रश्नोत्तर क्रमांक स्पष्ट रूप से अंकित करने पर विशेष जोर दिया गया।एम.डी.एस. विद्या मंदिर के संचालक अनिल शास्त्री ने विद्यार्थियों को ओएमआर शीट से संबंधित महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि ओएमआर शीट में किसी भी कॉलम को दोबारा काला न करें, क्योंकि इससे उत्तर गलत माना जा सकता है। उन्होंने गुरुजनों के आशीर्वाद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि परीक्षा से पूर्व गुरु और माता-पिता का आशीर्वाद लेना सफलता की पहली सीढ़ी है। साथ ही विद्यार्थियों को पूर्ण वेशभूषा में, समय से पहले घर से निकलकर परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई। उन्होंने बड़ी उत्तरात्मक प्रश्नों का अभ्यास लिख-लिखकर करने और उत्तर पुस्तिका में अनावश्यक काट-छांट से बचने पर भी जोर दिया।
अंकुर बंसल ने योग्यता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग्यता वही है जो कठिन से कठिन कार्य को भी सरल बना देती है। उन्होंने कक्षा 12 के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की तैयारी के लिए समय रहते विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रवेश परीक्षा फॉर्म पर नजर रखने और आवश्यक दस्तावेज जैसे जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और मूल निवास प्रमाण पत्र पहले से तैयार रखने की सलाह दी।कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, शिक्षकों और प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया। साथ ही विद्यार्थियों को यह संकल्प भी दिलाया गया कि वे ईमानदारी से पढ़ाई करेंगे, माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करेंगे और एक अच्छा इंसान बनने का निरंतर प्रयास करेंगे। समारोह का समापन सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास के वातावरण में हुआ।


