प्रदेश में किसान केंद्रित सरकार बननी चाहिए, जो गन्ने का भाव 500 रुपये करे
मुज़फ्फरनगर। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह रविवार को मुज़फ्फरनगर दौरे पर रहे। ठाकुर अरुण सिंह के पिता की तेहरवीं कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वह फिल्म अभिनेता विकास बालियान के आवास पहुंचे। इस दौरान उनके साथ भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक भी मौजूद रहे।
वीएम सिंह ने किसानों की मौजूदा समस्याओं और सरकार की नीतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसानों की वास्तविक स्थिति, चुनौतियां और समाधान को लेकर एक सशक्त फिल्म का निर्माण होना चाहिए, ताकि समाज के सामने सच्चाई रखी जा सके। इसी उद्देश्य से वह अभिनेता विकास बालियान से विशेष बातचीत करने पहुंचे। उन्होंने पंजाब के किसानों की गंभीर हालत पर चिंता जताते हुए कहा कि वहां डी-सिल्टिंग की तत्काल आवश्यकता है। साथ ही गेहूं किसानों को राष्ट्रीय आपदा मानकर बीज, मुआवजा और बीमारियों की रोकथाम के लिए सरकार को कदम उठाने चाहिए। पशुओं की मौत और किसानों की जान जाने पर भी उचित मुआवजा देने की मांग की।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों पर आई आपदा को एक अवसर मानकर कुछ लोग पैसा और खाद्य सामान आदि की कालाबाजारी करने में भी लग गए हैं सरकार को इसे राष्ट्रीय आपदा मानकर मदद की तमाम प्रक्रिया को एसडीएम रैंक के अधिकारी की देखरेख में करना चाहिए और मदद सही स्थान तक पहुंचे इसका भी दायित्व उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा मदद लोगों को गुरुद्वारों में पहुंच कर वहां से रसीद लेनी चाहिए। वीएम सिंह ने कहा कि प्रदेश में किसान केंद्रित सरकार बननी चाहिए, जो गन्ने का भाव 500 रुपये प्रति कुंतल और बकाया ब्याज तत्काल देने की घोषणा करे। उन्होंने गांवों में झोलाछाप डॉक्टरों को ट्रेनिंग देकर निजी स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने की भी वकालत की, जिससे ग्रामीणों को सस्ता इलाज मिल सके।
इस मौके पर धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि सरदार वीएम सिंह किसानों की सच्ची आवाज हैं और उनकी नीतियों पर अमल करना ही किसानों के लिए वास्तविक समाधान है। अभिनेता विकास बालियान ने घोषणा की कि वह किसानों की जमीनी हकीकत पर जल्द ही एक फिल्म बनाएंगे। बैठक में धर्मेंद्र तोमर, चिराग बालियान, लवकुश चौधरी, विजेंद्र सिंह, आदित्य राठी और शिवांक बालियान, तुषार राठी समेत कई गणमान्य मौजूद रहे।


