मुजफ्फरनगर। श्री राम कॉलेज (स्वायत्त), मुज़फ्फरनगर में स्ट्रेस रिडक्शन एंड वेलनेस थ्रो योग एंड आयुर्वेद विषय पर एक अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें कॉलेज के संपूर्ण फैकल्टी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को तनाव प्रबंधन, शारीरिक–मानसिक संतुलन तथा समग्र स्वास्थ्य के वैकल्पिक और प्रामाणिक तरीकों से परिचित कराना था।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसने सकारात्मक ऊर्जा, ज्ञान, स्वास्थ्य और सात्त्विकता का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता योगी डॉ. अमृत राज, डायरेक्टर आरोग्यधाम रिट्रीट एंड वेलनेस, श्री राम कॉलेज प्राचार्या प्रो. प्रेरणा मित्तल, उप-प्राचार्य डॉ. सौरभ मित्तल, डीन आई क्यू एसी विनीत शर्मा, डीन कंप्यूटर एप्लिकेशन डॉ. निशांत राठी, डायरेक्टर ललित कला विभाग डॉ. मनोज धीमान द्वारा किया गया। दीप प्रज्वलन के माध्यम से सभी अतिथियों ने यह संदेश दिया कि ज्ञान, स्वास्थ्य और मानसिक शांति का प्रकाश समाज व संस्थान को नई दिशा प्रदान करता है।
इस अवसर पर कार्यशाला के मुख्य वक्ता योगी डॉ. अमृत राज, डायरेक्टर आरोग्यधाम रिट्रीट एंड वेलनेस, को कार्यक्रम में पहुंचने पर पुष्प–गुच्छ भेंट कर उनका हार्दिक स्वागत किया गया।
इसके पश्चात उन्होंने योग, प्राणायाम, ध्यान, आयुर्वेदिक आहार और तनाव कम करने की प्राकृतिक विधियों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षकों को सरल, व्यावहारिक और प्रभावी योगाभ्यास कराए, जिन्हें सहभागी शिक्षकों ने अत्यंत लाभकारी बताया।
डॉ. अमृत राज ने बताया कि नियमित योग, सकारात्मक सोच और आयुर्वेदिक दिनचर्या अपनाकर तनाव को नियंत्रण में रखा जा सकता है तथा जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर श्री राम कॉलेज प्राचार्या डॉ प्रेरणा मित्तल ने कहा
आज के व्यस्त और तनावपूर्ण समय में शिक्षकों के मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य की देखभाल अत्यंत आवश्यक है। योग और आयुर्वेद मन व शरीर दोनों को संतुलित रखते हैं। श्री राम कॉलेज सदैव अपने फैकल्टी के समग्र विकास के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ रीतू पुंडीर एवं आयुषी गर्ग प्रवक्ता बेसिक साइंस ने किया।
कार्यशाला के समापन पर कॉलेज प्रशासन ने योगी डॉ. अमृत राज को पट्टिका पहनाकर तथा प्रतीक चिन्ह से सम्मानित करते हुए आभार व्यक्त किया और कहा कि यह सत्र शिक्षकों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और उपयोगी रहा।साथ ही भविष्य में भी स्वास्थ्य, कल्याण और आत्म-विकास से संबंधित ऐसी और कार्यशालाएँ आयोजित करने की घोषणा की गई।


