मुजफ्फरनगर । भूमि विकास बैंक, मुजफ्फरनगर में शाखा प्रतिनिधि पदों के चयन को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर ही गंभीर विवाद सामने आया है। भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी पर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने पार्टी के निष्ठावान एवं पुराने कार्यकर्ताओं के नामांकन निरस्त कराते हुए अन्य राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों को चेयरमैन निर्वाचित करा दिया। इस संबंध में खतौली क्षेत्र के गांव मीरापुर खुर्द निवासी सतेंद्र कुमार पुत्र जल सिंह ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को लिखित शिकायत भेजी है।शिकायतकर्ता सतेंद्र कुमार का आरोप है कि भूमि विकास बैंक की विभिन्न शाखाओं में चेयरमैन पद के लिए हुए चुनाव में पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं के नामांकन पत्र जानबूझकर तकनीकी खामियों का हवाला देकर निरस्त कर दिए गए, जबकि समाजवादी पार्टी एवं बहुजन समाज पार्टी से जुड़े व्यक्तियों को कथित रूप से धन–लेनदेन के आधार पर निर्वाचित कराया गया।शिकायत के अनुसार, खतौली भूमि विकास बैंक शाखा से ऋषिपाल भाटी को चेयरमैन निर्वाचित किया गया है, जिन्हें समाजवादी पार्टी का कार्यकर्ता बताया जा रहा है। आरोप है कि ऋषिपाल भाटी ने आज तक भाजपा की औपचारिक सदस्यता भी ग्रहण नहीं की है। इसी प्रकार मुजफ्फरनगर शाखा से निर्वाचित प्रमोद राठी पर आरोप है कि वह पूर्व में नगरपालिका चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के सिंबल पर भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं और उन्होंने भी भाजपा की सदस्यता नहीं ली है।
सतेंद्र कुमार का कहना है कि जो कार्यकर्ता वर्षों से भाजपा की नीतियों और विचारधारा के लिए ईमानदारी से कार्य करते आ रहे हैं, उन्हें केवल इसलिए चुनाव प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया क्योंकि वे कथित तौर पर धन देने में असमर्थ थे। इस पूरे प्रकरण को लेकर पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है और अंदरखाने असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
शिकायतकर्ता ने भाजपा के प्रदेश व राष्ट्रीय नेतृत्व से मांग की है कि इस गंभीर मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पार्टी की गरिमा बनी रहे और कार्यकर्ताओं का विश्वास नेतृत्व पर कायम रह सके।
वहीं, इन आरोपों पर खतौली भूमि विकास बैंक के चेयरमैन ऋषिपाल भाटी ने सफाई देते हुए कहा कि वह भाजपा के पुराने कार्यकर्ता हैं और पिछले तीन विधानसभा चुनावों में भाजपा प्रत्याशियों के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि सतेंद्र कुमार द्वारा लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं और राजनीतिक द्वेष के चलते लगाए गए हैं।
उधर, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी ने भी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जनपद की भूमि विकास बैंक की सभी पांचों शाखाओं में चेयरमैनों का चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष ढंग से संपन्न हुआ है। उन्होंने बताया कि सभी चेयरमैन अलग-अलग समाज से हैं, ताकि सभी वर्गों को समान प्रतिनिधित्व मिल सके। जिलाध्यक्ष के अनुसार, किसी भी प्रत्याशी का नामांकन जानबूझकर निरस्त नहीं कराया गया, जहां भी नामांकन रद्द हुए, वे केवल तकनीकी कारणों से हुए हैं।
जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी ने यह भी स्पष्ट किया कि भूमि विकास बैंक की सभी पांचों शाखाओं के चेयरमैनों के नाम पार्टी हाईकमान से फाइनल होकर आए थे। खतौली शाखा के चेयरमैन ऋषिपाल भाटी को पार्टी का पुराना कार्यकर्ता बताते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व में गन्ना समिति चुनाव में भी उनका नामांकन कराया गया था, जिसे पार्टी हाईकमान के निर्देश पर वापस लिया गया था।
फिलहाल यह मामला भाजपा के अंदरखाने सियासी हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस शिकायत पर क्या रुख अपनाता है और क्या मामले की औपचारिक जांच कराई जाती है या नहीं।