मुजफ्फरनगर। बोगस फर्मों के बिल लगाकर माल ले जाने के मामले में जीएसटी की मोबाइल यूनिट ने चैकिंग के दौरान सात गाड़ियों को पकड़कर सीज कर दिया, जिसमें करीब पचास लाख रुपये से अधिक का माल पकड़ा गया। मोबाइल यूनिट के सहायक आयुक्त ने फर्म संचालकों पर मीरापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिससे व्यापारियों में हडकंप मच गया।
स्टेट जीएसटी विभाग की मोबाइल यूनिट में सचल दल इकाई खतौली के सहायक आयुक्त नितिन वाजपायी ने अलग-अलग दिनों में मीरापुर मार्ग पर ओल्ड आयरन, टीन, टप्पर स्क्रैप लदे सात वाहनों की जांच की। जांच में टीम को जीएसटी नियमो का उल्लंघन मिला। टीम की जांच में माल का परिवहन बोगस फर्मों पर मिला है। इन वाहनों में पांच सचल दल खतौली, एक वाहन सचल दल प्रथम इकाई और एक वाहन सचल दल द्वितीय इकाई की जांच में पकड़ी गई। जांच में सभी वाहनों के चालकों के पास वैध दस्तावेज भी नहीं थे।
इस प्रकरण में प्रमुख फर्मों में पीके एंटरप्राइजेज बिहार, डीएम ट्रेडर्स लुधियाना और एमएस थापा हिसार, आरके एंटरप्राइजेज झारखंड सहित वाहन स्वामी सिकंदर अली निवासी मुरादाबाद, सहरोज निवासी मुरादाबाद, गुड्डू मुरादाबाद, राहुल ऐटा, अकिल मुरादाबाद, उमेश कुमार निवासी गोपालगंज बिहार, शरीफ मुरादाबाद व एक अन्य पर मीरापुर थाने में सहायक आयुक्त नितिन कुमार वाजपायी ने मुकदमा दर्ज कराया है।
जीएसटी विभाग के संयुक्त आयुक्त सिद्धेश दीक्षित ने बताया कि बोगस बिलो पर माल से भरी गाड़िया पकड़ी गई है। फर्मों व चालकों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है, जो भी माल छुड़ाने के लिए पहुंच रहे हैं। नियमानुसार जुर्माना जमा कराने के बाद उन्हें माल रिलीज किया जा रहा है।


