मुजफ्फरनगर। नई मंडी क्षेत्र में प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर बिजली उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। आरोप है कि नियमित रूप से बिल जमा करने के बावजूद कई घरों की बिजली अचानक काट दी गई, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नाराज उपभोक्ताओं ने नई मंडी स्थित बिजली घर पहुंचकर विभाग के खिलाफ हंगामा किया और समस्या के समाधान की मांग की।
बताया जा रहा है कि जिन घरों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, वहां कई उपभोक्ताओं के मीटर में बैलेंस दिखने के बावजूद बिजली आपूर्ति बंद हो गई। इससे गर्मी के बीच घरों में अंधेरा छा गया और दैनिक कामकाज भी प्रभावित हो गया।
नई मंडी बिजली घर के एसडीओ सत्येंद्र के अनुसार यह समस्या तकनीकी कारणों से उत्पन्न हुई है। उन्होंने बताया कि सर्वर और मीटर के बीच तकनीकी गड़बड़ी की वजह से कुछ उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसे ठीक कराने का काम किया जा रहा है और जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
क्या कहते हैं नियम और मानक
प्रीपेड स्मार्ट मीटर योजना के तहत बिजली उपभोक्ता पहले रिचार्ज करते हैं, उसके बाद ही बिजली का उपयोग कर सकते हैं।
उपभोक्ता के मीटर में बैलेंस समाप्त होने पर ही बिजली आपूर्ति बंद की जा सकती है।
यदि मीटर में बैलेंस मौजूद है या उपभोक्ता ने भुगतान कर दिया है तो बिजली काटना नियमों के खिलाफ माना जाता है।
तकनीकी खराबी की स्थिति में बिजली विभाग की जिम्मेदारी होती है कि तुरंत समस्या का समाधान करे और उपभोक्ताओं को वैकल्पिक व्यवस्था दे।
उपभोक्ताओं का सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब वे नियमित रूप से रिचार्ज और भुगतान कर रहे हैं तो तकनीकी खराबी की सजा उन्हें क्यों भुगतनी पड़ रही है। लोगों ने विभाग से मांग की है कि स्मार्ट मीटर सिस्टम को दुरुस्त किया जाए और भविष्य में ऐसी परेशानी से बचने के लिए स्थायी समाधान किया जाए।
बड़ा सवाल ?
स्मार्ट मीटर योजना को बिजली व्यवस्था को पारदर्शी और आसान बनाने के उद्देश्य से लागू किया गया था, लेकिन अगर तकनीकी खामियों के कारण उपभोक्ताओं को ही परेशानी झेलनी पड़े तो यह योजना सवालों के घेरे में आ जाती है। अब देखना होगा कि बिजली विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक कर पाता है।