मुजफ्फरनगर। जनपद के व्यापारियों ने गृहकर जलकर और जीएसटी विभाग द्वारा जारी किए जा रहे नोटिसों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री कपिल देव से मुलाकात कर अपनी समस्याओं का एक ज्ञापन सौंपा और विभागीय भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की गुहार लगाई।भ्रष्टाचार को मिल रहा बढ़ावा विधायक को सौंपे गए ज्ञापन में व्यापारियों ने आरोप लगाया कि गृहकर और जलकर के नाम पर उन्हें अनावश्यक नोटिस भेजकर मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि कर निर्धारण की कोई स्पष्ट और पारदर्शी व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण विभाग में भ्रष्टाचार पनप रहा है। संगठन ने मांग की है कि केवल वास्तविक रूप से उपयोग किए गए पानी का ही बिल लिया जाए और पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन व पारदर्शी बनाया जाए।जीएसटी नोटिसों पर जताई आपत्ति व्यापारियों ने जीएसटी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी कड़े सवाल उठाए। उन्होंने मंत्री को बताया कि बिना किसी ठोस कारण और औचित्य के विभाग द्वारा नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिससे व्यापार करना मुश्किल हो गया है। हाल ही में लखनऊ में हुई प्रदेश कार्यसमिति की बैठक का हवाला देते हुए प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पूरे प्रदेश का व्यापारी वर्ग इन जटिलताओं से नाराज है।विधायक ने दिया आश्वासन मंत्री कपिल देव ने व्यापारियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे को संबंधित उच्चाधिकारियों और सदन के पटल पर रखेंगे ताकि विभागीय उत्पीड़न पर रोक लग सके और व्यापारियों को राहत मिल सके।


