मुजफ्फरनगर। आरडीएफ कचरे को लेकर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेन्द्र मलिक के खिलाफ लगाए गए रंगदारी और अवैध वसूली के आरोपों के बाद शनिवार को किसानों, यूनियन कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के कारण शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई। कोर्ट रोड, प्रकाश चौक, महावीर चौक, सदर बाजार और शिव चौक से यातायात डायवर्ट करना पड़ा।
आरडीएफ सप्लायरों द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए भाकियू अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेन्द्र मलिक पर रंगदारी मांगने, अवैध वसूली का दबाव बनाने, वाहन चालकों से मारपीट और वाहनों में तोड़फोड़ के आरोप लगाए गए थे। शनिवार सुबह भाकियू अराजनैतिक के कार्यकर्ता, किसान और ग्रामीण बड़ी संख्या में गांव देहात से निकलकर अपने वाहनों के साथ शहर की सड़कों पर उतर आए। हजारों की संख्या में मुख्यालय पहुंचे कार्यकर्ताओं ने पदाधिकारियों के साथ एसएसपी कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने पुलिस कार्यालय में अफसरों की गाड़ियों के आगे लेटकर विरोध जताया और आरडीएफ लाने वालों को कचरा माफिया करार दिया। किसानों का कहना था कि किसी भी कीमत पर मिलों में कचरा जलाने नहीं दिया जाएगा।
प्रदर्शन के कारण शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई। कोर्ट रोड, प्रकाश चौक, महावीर चौक, सदर बाजार और शिव चौक से यातायात डायवर्ट करना पड़ा। प्रकाश चौक पर घंटों जाम की स्थिति बनी रही। ट्रैक्टर-ट्रालियों और अन्य वाहनों के साथ पहुंचे किसानों के चलते कई स्थानों पर पुलिस कर्मियों के साथ तीखी झड़पें भी देखने को मिलीं। धरने के दौरान धर्मेन्द्र मलिक गले में तख्ती डालकर पहुंचे, जिस पर धर्मेन्द्र मलिक रंगदार है, लिखा हुआ था। उन्होंने इसे अपने खिलाफ चलाए जा रहे कथित षड्यंत्र का प्रतीक बताते हुए कहा कि कचरा माफिया उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि वो रंगदार हैं तो एसएसपी के सामने हैं, उनको गिरफ्तार किया जाये, नहीं तो उन पर बेबुनियाद इल्जाम लगाकर बदनाम करने वालों का पुलिस इलाज करे।


