मुजफ्फरनगर। डीएवी डिग्री कॉलेज बुढ़ाना में फीस विवाद के कारण उत्पीड़न से परेशान बीए छात्र उज्जवल राणा ने 18 अक्टूबर को आत्मदाह कर लिया था। प्राचार्य प्रदीप कुमार की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पुलिस और अभियोजन पक्ष को मामले की विस्तृत रिपोर्ट, धाराओं का विवरण और जांच की प्रगति प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इस मामले की अगली सुनवाई 29 नवंबर को निर्धारित की गई है।
मामले में उज्जवल की बहन सलोनी राणा ने प्राचार्य प्रदीप कुमार, प्रबंधक अरविंद गर्ग और पीटीआई संजीव कुमार सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने पीटीआई संजीव कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उत्पीड़न में सहयोग के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों को भी लाइन हाजिर किया गया था। हालांकि, मामले के मुख्य आरोपी प्राचार्य प्रदीप कुमार और प्रबंधक अरविंद गर्ग अभी भी फरार हैं, जिससे छात्र परिवार और विभिन्न सामाजिक संगठनों में गहरा रोष व्याप्त है। शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में प्राचार्य प्रदीप कुमार की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। प्राचार्य के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि घटना की सूचना मिलते ही उन्होंने सुबह 9:44 बजे सीओ बुढ़ाना को फोन किया था और कोतवाली में लिखित रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। अधिवक्ता ने दावा किया कि पुलिस द्वारा समय पर कार्रवाई न करने के कारण प्राचार्य दोषी नहीं हैं। उज्जवल की बहन सलोनी राणा, चाचा सचिन राणा और अधिवक्ता अनूप राठी अदालत पहुंचे। उन्होंने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए अपनी आपत्ति दाखिल की। इस के दौरान छात्र नेता, किसान संगठन के प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी अदालत में मौजूद रहे। अधिवक्ता अनूप राठी ने आरोप लगाया कि प्राचार्य ने एफआईआर में दर्ज गंभीर धाराओं को छिपाकर अदालत को गुमराह करने का प्रयास किया है। उन्होंने पुलिस और अभियोजन पक्ष के बीच ‘सेटिंग’ होने का भी संकेत दिया। राठी ने उज्जवल की मृत्यु को न्याय व्यवस्था की विफलता बताते हुए पुलिस रिपोर्ट और धाराओं की विस्तृत जानकारी की मांग की। परिजनों के भारी विरोध को देखते हुए, न्यायालय ने पुलिस और अभियोजन पक्ष को मामले की विस्तृत रिपोर्ट, धाराओं का विवरण और जांच की प्रगति प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इस मामले की अगली सुनवाई 29 नवंबर को निर्धारित की है।
कचहरी परिसर में सलोनी राणा, सचिन कुमार, धर्मेंद्र मलिक, दीपक राठी, कपिल बालियान, विधु मलिक, विशाल, आयुष चौधरी सहित कई कार्यकर्ता जमा हुए।


