मुजफ्फरनगर। प्रवर्तन निदेशालय का अधिकारी बनकर लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी अमित बालियान को पंजाब पुलिस ने मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शाहपुर थाना क्षेत्र के गोयला गांव से दबोचा गया। इस दौरान उसके तीन अन्य साथी मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश की जा रही है।पुलिस के अनुसार गोयला गांव निवासी अमित बालियान खुद को ईडी का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों को फोन करता था। वह पीड़ितों को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देता और वीडियो कॉल के जरिए फर्जी कोर्ट रूम दिखाकर उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ का भय दिखाता था। इसी तरह उसने पटियाला के एक व्यापारी को डराकर 50 लाख रुपये अपने गिरोह के खातों में ट्रांसफर करवा लिए।पीड़ित की शिकायत पर पंजाब पुलिस की साइबर सेल ने जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंची। गोयला गांव में घेराबंदी कर अमित बालियान को उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा के एक पदाधिकारी की कार में सवार था।पूछताछ में आरोपी ने चंडीगढ़, लुधियाना सहित कई अन्य स्थानों पर इसी तरह की धोखाधड़ी की वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल की है। पुलिस ने उसके कब्जे से फर्जी पहचान पत्र, मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड और करीब 20 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।मुजफ्फरनगर के एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि अमित बालियान इस साइबर ठगी गिरोह का मुख्य संचालक था, जो सोशल मीडिया के जरिए लोगों की जानकारी जुटाकर उन्हें निशाना बनाता था। उन्होंने बताया कि ईडी और साइबर विशेषज्ञों के सहयोग से मामले की गहन जांच की जा रही है। फरार तीन आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, वीडियो कॉल या सरकारी अधिकारी बनकर डराने की कोशिश करने वालों की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें, ताकि समय रहते ठगी से बचा जा सके।


