मुजफ्फरनगर। थाना सिविल लाईन पुलिस द्वारा अग्निवीर आर्मी भर्ती में फिजीकल पास कराने तथा भर्ती कराने के नाम पर युवकों से धोखाधड़ी कर रुपयों की ठगी करने वाला 01 जालसाज अभियुक्त गिरफ्तार किया गया।। गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से आर्मी की वर्दी, फर्जी आईडी कार्ड, एक स्कूटी तथा एक मोबाईल फोन बरामद।
वादी अभिषेक पुत्र राजेंद्र कुमार निवासी पानीमाला थाना नूरपुर जनपद बिजनौर द्वारा थाना सिविल लाईन पर लिखित तहरीर देकर अवगत कराया गया कि जनपद मुजफ्फरनगर में चल रही अग्निवीर भर्ती में एक व्यक्ति द्वारा उनसे अग्निवीर भर्ती में शारीरिक दक्षता परीक्षा पास कराने तथा भर्ती कराने के नाम पर जालसाजी कर कूटरचित टोकन स्लिप तैयार करके दे दी गयी तथा 01 लाख रूपये की ठगी कर ली गयी। थाना सिविल लाईन पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए वादी से प्राप्त तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0- 218/25 धारा 318(4),338,336(3),340(2) बीनएस पंजीकृत किया गया तथा उच्चाधिकारीगण के निर्देशन पर थाना सिविल लाईन पर पुलिस टीम का गठन किया गया।
गठित टीम द्वारा 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरो को देखा गया तथा इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस तथा मिलिट्री इंटेलिजेंस मध्य कमान के सहयोग से उक्त ठगी की घटना को कारित करने वाले अभियुक्त को आज दिनांक 05.09.2025 को थाना सिविल लाईन क्षेत्रान्तर्गत कम्पनी बाग के पास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से आर्मी की वर्दी, आर्मी का फर्जी आईडी कार्ड, एक स्कूटी तथा एक मोबाईल फोन बरामद किया गया। अभियुक्त की गिरफ्तारी व बरामदगी के सम्बन्ध में थाना सिविल लाईन पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।
*गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पता-*
*1.* सुमित कुमार पुत्र रकम सिंह निवासी कस्तला शमशेर नगर थाना इंचौली जनपद मेरठ, उम्र 31 वर्ष।
*बरामदगी का विवरण-*
✅ 01 आर्मी का फर्जी आइडी कार्ड
✅ 01 आर्मी की वर्दी (मय जूता, बेल्ट, कैप आदि)
✅ 01 मोबाईल फोन
✅ 01 स्कूटी (बिना नंबर)
प्रारम्भिक पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त द्वारा बताया गया कि मेरे द्वारा आर्मी में भर्ती कराने के नाम पर युवाओं से ठगी की जाती है तथा अवैध आर्थिक लाभ अर्जित किया जाता है। मैं आर्मी भर्ती के दौरान ऐसे अभ्यर्थियों की तलाश करता हूँ जो शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजीकल टेस्ट) में फेल हो जाते हैं उसके बाद उन्हे फिजीकल परीक्षा में पास कराने का तथा भर्ती कराने का विश्वास दिलाकर उनसे रूपये ले लेता हूं तथा उन्हे कूटरचित फर्जी टोकन स्लिप दे देता हूं यह सब कार्य मैं मेरे पास से बरामद आर्मी की वर्दी को पहनकर करता हूँ तथा अपने पास भारतीय सेना का कूटरचित फर्जी पहचान पत्र भी रखता हूँ जिससे अभ्यर्थियों को विश्वास हो जाता है कि मै सेना में ही हूँ। मेरे द्वारा यह कार्य विगत कई वर्षों से किया जा रहा है तथा मैनें पूर्व में लखनऊ, रूडकी तथा आगरा में हुई भर्ती में भी अभ्यर्थियों से इसी प्रकार से ठ
गी की थी।


