कोलकाता। लॉ छात्रा से गैंगरेप पर आरजी पर पीड़िता के पिता का फूटा गुस्सा। कोलकाता के साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में हुई छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। अब इस पर आरजी कर मेडिकल कॉलेज की उस पीड़िता के पिता ने भी प्रतिक्रिया दी है, जिनकी बेटी के साथ पिछले साल (अगस्त 2024) रेप और मर्डर हुआ था।उन्होंने न सिर्फ घटना की कड़ी निंदा की, बल्कि ममता बनर्जी सरकार को भी जिम्मेदार ठहराया है।
एक न्यूज एजेंसी आरजी कर पीड़िता के पिता ने कहा, “ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों हो रही हैं? मेरी बेटी के साथ जो हुआ, उसके बाद भी लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध किया। लेकिन आज भी ऐसी घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इसका मतलब सरकार की भूमिका पर सवाल उठाना जरूरी है।”कॉलेज के अंदर ऐसे अपराध, सरकार की नाकामी को दिखाती है’
आरजी कर पीड़िता के पिता ने आगे कहा,”कॉलेज के अंदर ही लोग ऐसे अपराध कर रहे हैं। यह साफ दिखाता है कि सरकार की नाकामी है। जो आरोपी पकड़े गए हैं, सभी किसी न किसी रूप से टीएमसी से जुड़े हैं। ऐसे में पार्टी की जिम्मेदारी बनती है कि वह सुनिश्चित करे कि आगे ऐसी घटनाएं न हों। आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।”कोलकात लॉ स्टूडेंट गैंगरेप केस: घटना का पूरा मामला
ये पूरा मामला 27 जून 2025 को सामने आया जब पहले वर्ष की एक छात्रा ने एफआईआर दर्ज कराई। पीड़िता के मुताबिक 25 जून की शाम 7:30 बजे से 10:50 बजे के बीच कॉलेज के भीतर ही तीन युवकों ने उसके साथ गैंगरेप किया।
आरोपियों के नाम हैं:
मोनोजित मिश्रा (31) – पूर्व छात्र और टीएमसी छात्र परिषद के नेता
जैब अहमद (19) – वर्तमान छात्र
प्रमित मुखोपाध्याय (20) – वर्तमान छात्र या फिर कॉलेज स्टॉफ
कालेज का गार्ड
पुलिस ने बताया कि मोनोजित और जैब को 26 जून को तालबगान क्रॉसिंग के पास से गिरफ्तार किया गया, जबकि प्रमित को उसी रात घर से पकड़ा गया। सभी के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं और पुलिस कस्टडी में लेकर जांच जारी है। इन्हें कोर्ट में पेश किया गया था, अब ये पुलिस रिमांड पर हैं।
घटना ने बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है। बीजेपी ने आरोप लगाया कि टीएमसी अब आतंक, भ्रष्टाचार और महिलाओं के खिलाफ अपराध का पर्याय बन चुकी है। इसके जवाब में टीएमसी की नेता शशि पांजा ने कहा, “पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और 12 घंटे के भीतर सभी आरोपियों को पकड़ लिया गया। बीजेपी सिर्फ राजनीति कर रही है। अगर वे बंगाल में जिम्मेदार विपक्ष बनना चाहते हैं, तो उन्हें भी जिम्मेदारी से व्यवहार करना होगा।”उन्होंने यह भी कहा , “टीएमसी की छात्र इकाई अपने छात्रों को अपराध करना नहीं सिखाती। यह घटना निंदनीय है, लेकिन इसे धर्म या राजनीति से जोड़ना सही नहीं है।”

