मुजफ्फरनगर । जिले के भोपा के किसान परिवार में जन्में डॉ. ध्रुवपाल अहलूवालिया को आईएएस कैडर मिलने के बाद उत्तर प्रदेश शासन के गृह विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर तैनाती मिली है। इस खबर के बाद जिले में खुशी की लहर है। उन्होंने कहा कि मेरे परिवार की हर सफलता का श्रेय मेरे माता पिता को समर्पित है। मेरे पिता ब्रह्मलीन डॉ सुरेश कुमार अहलुवालिया जी प्रसिद्ध गणितज्ञ, पर्यावरणविद ,समाजसेवी एवं क्षेत्र की लब्ध प्रतिष्ठित शख्सियत रहे हैं। मेरे लिये माता पिता इश्वर के समान ही पूज्य हैं। अपने माता पिता एवं समस्त बुजुर्गों का सम्मान कर उनके आशीर्वाद से समस्त मनोरथ पूर्ण होंगे युवा शक्ति को मेरा यही संदेश है।
भोपा के मूल निवासी वरिष्ठ पीसीएस डॉ. धु्रवपाल वालिया को पीसीएस कैडर मिल गया है। धु्रवपाल वालिया का कहना है कि उनके कैरियर का सारा श्रेय उनके पिता स्व. सुरेश कुमार वालिया को है। वे बताते हैं कि उनके पिता का सपना था कि मैं पीसीएस या आईएएस ही बनंू। इसके चलते उन्होंने किसी अन्य एग्जाम में बैठने से इंकार कर दिया था। सिर्फ एक आॅप्शन था प्रोफेसर का। बीएचयू से पीएचडी करने के बाद मध्य प्रदेश लोेक सेवा आयोग असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में उनका चयन हुआ। तीन साल इस पद पर रहने के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से उनका चयन डिप्टी जेलर के पद पर हुआ। इस पद पर रहते उन्होंने पीसीएस के लिए प्रयास जारी रखा और पीईएस के रूप में चयन के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी बने। इसके बाद लोक सेवा आयोग उत्तर प्रदेश की परीक्षा में उन्हें पीसीएस कैडर मिला और 1998 में उन्होंने पीसीएस के रूप में पद भार ग्रहण किया। तमाम पदों पर रहते हुए अभी तक वे उत्तर प्रदेश शासन के गृह विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर थे। आईएएस के रूप में प्रोमोट होने के बाद उन्हें इसी विभाग में विशेष सचिव का पद दिया गया है।
किसान पृष्ठ भूमि से आने वाले उनके परिवार को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी माना जाता है। इसमें उनके भाई समेत छह नेट क्वालिफाइड हैं। उनके साथ उनके बेटे और बेटी ने भी पीएचडी की है।


